Message # 441556

एक कड़बी हकीकत ...... एक राष्ट्र एक शक्ति के लिए शेयर की जिम्मेदारी आपकी .....

-जब एक #बांग्लादेशी_मुस्लिम भारत पहुँचता है और अंबाला जिले
में कहीं भटक जाता है. तो उसके पास न पैसे होते हैं और न ही वो किसी को जानता है।

किंतु वो किसी प्रकार सबसे नज़दीकी मस्जिद में पहुँचता है और वहाँ उसे
100% शरण मिल जाती है मुस्लिम होने के कारण...। हर जिले में
एक शाही मस्जिद होती है जिससे शहर की हर मस्जिद जुड़ी रहती है।

तत्पश्चात वो बांग्लादेशी अंबाला जिले की शाही मस्जिद में भेज दिया
जाता है जहाँ उसे शरण मिल जाती है,,चोरी छुपे ।

हर जिले की शाही मस्जिद दिल्ली की जामा मस्जिद से जुड़ी रहती है,
दिल्ली की जामा मस्जिद के पास उत्तर भारत के इस्लामीकरण की ज़िम्मेदारी है.....यह कोई आश्चर्य की बात नहीं...।उसके पास उत्तर भारत के हर लोक सभा क्षेत्र का और उसमें रहने वाली मुस्लिम आबादी का रिकार्ड होता है....100% खरा रिकॉर्ड ।

अब वो बांग्लादेशी दिल्ली पहुँच कर जामा मस्जिद में शरण लेता है तो
जामा मस्जिद यह चैक करती है कि उत्तर भारत के किस लोक सभा क्षेत्र में मुस्लिम आबादी कम है...मान लीजिए उत्तर प्रदेश के झाँसी में मुस्लिम आबादी कम है....अब असली खेल शुरु........

तो जामा मस्जिद उस बांग्लादेशी को झाँसी जिले की शाही मस्जिद में भेज देती है........झाँसी की शाही मस्जिद के इमाम वक़्फ़ बोर्ड की सहायता से उस बांग्लादेशी के रहने का प्रबंध करते हैं और उसके रोज़गार का भी प्रबंध करते हैं. ...........वो बांग्लादेशी लोकल मुस्लिम और भ्रष्ट नेता और अफसरों की सहायता से भारतीय पासपोर्ट बनवा लेता है ।। समाजवादी पार्टी जैसी भ्रष्ट सरकारें वक़्फ़ बोर्ड को वोट के बदले ज़मीन दे देती हैं ।
नगरपालिका के भ्रष्ट अफ़सर रिश्वत लेके बर्थ सर्टिफिकट बना देते हैं ।
पोलीस और ख़ुफ़िया विभाग के अफ़सर रिश्वत लेकर पासपोर्ट की फाइल बिना किसी वेरिफिकेशन के आगे बढ़ा देते हैं.....और दूसरे ज़रूरी कागजात भी तय्यार करवा लेता है जैसे कि #आधार कार्ड ....।अर्थात जो बांग्लादेशी कुछ दिन पहले अंबाला शहर में बिना किसी पैसे और जान पहचान के भटक रहा था......

वो झाँसी जिले में रहने वाला एक भारतीय नागरिक बन चुका है....।

ये तो एक बांग्लादेशी की कहानी है. ...............

देश में रोज बड़ी संख्या में बाग्लादेशी और पाकिस्तानी क़बायली बन्जारे आते हैं और वक़्फ़ बोर्ड की सहायता से भारतीय नागरिक बन जाते हैं ।

भारत के अनेक जिलों का खास कर उत्तर प्रदेश, केरल और बंगाल का धार्मिक समीकरण बिल्कुल बदल चुका है..............

और हम कहाँ हैं??
ब्राह्मणवाद, जॉटिज़्म, राजपूताना या बनियागिरी पे या फिर जय_भीम पे 😥😥

एक राष्ट्र एक शक्ति✊🏼🚩 जय हिंद जय भारतएक कड़बी हकीकत ...... एक राष्ट्र एक शक्ति के लिए शेयर की जिम्मेदारी आपकी .....

-जब एक #बांग्लादेशी_मुस्लिम भारत पहुँचता है और अंबाला जिले
में कहीं भटक जाता है. तो उसके पास न पैसे होते हैं और न ही वो किसी को जानता है।

किंतु वो किसी प्रकार सबसे नज़दीकी मस्जिद में पहुँचता है और वहाँ उसे
100% शरण मिल जाती है मुस्लिम होने के कारण...। हर जिले में
एक शाही मस्जिद होती है जिससे शहर की हर मस्जिद जुड़ी रहती है।

तत्पश्चात वो बांग्लादेशी अंबाला जिले की शाही मस्जिद में भेज दिया
जाता है जहाँ उसे शरण मिल जाती है,,चोरी छुपे ।

हर जिले की शाही मस्जिद दिल्ली की जामा मस्जिद से जुड़ी रहती है,
दिल्ली की जामा मस्जिद के पास उत्तर भारत के इस्लामीकरण की ज़िम्मेदारी है.....यह कोई आश्चर्य की बात नहीं...।उसके पास उत्तर भारत के हर लोक सभा क्षेत्र का और उसमें रहने वाली मुस्लिम आबादी का रिकार्ड होता है....100% खरा रिकॉर्ड ।

अब वो बांग्लादेशी दिल्ली पहुँच कर जामा मस्जिद में शरण लेता है तो
जामा मस्जिद यह चैक करती है कि उत्तर भारत के किस लोक सभा क्षेत्र में मुस्लिम आबादी कम है...मान लीजिए उत्तर प्रदेश के झाँसी में मुस्लिम आबादी कम है....अब असली खेल शुरु........

तो जामा मस्जिद उस बांग्लादेशी को झाँसी जिले की शाही मस्जिद में भेज देती है........झाँसी की शाही मस्जिद के इमाम वक़्फ़ बोर्ड की सहायता से उस बांग्लादेशी के रहने का प्रबंध करते हैं और उसके रोज़गार का भी प्रबंध करते हैं. ...........वो बांग्लादेशी लोकल मुस्लिम और भ्रष्ट नेता और अफसरों की सहायता से भारतीय पासपोर्ट बनवा लेता है ।। समाजवादी पार्टी जैसी भ्रष्ट सरकारें वक़्फ़ बोर्ड को वोट के बदले ज़मीन दे देती हैं ।
नगरपालिका के भ्रष्ट अफ़सर रिश्वत लेके बर्थ सर्टिफिकट बना देते हैं ।
पोलीस और ख़ुफ़िया विभाग के अफ़सर रिश्वत लेकर पासपोर्ट की फाइल बिना किसी वेरिफिकेशन के आगे बढ़ा देते हैं.....और दूसरे ज़रूरी कागजात भी तय्यार करवा लेता है जैसे कि #आधार कार्ड ....।अर्थात जो बांग्लादेशी कुछ दिन पहले अंबाला शहर में बिना किसी पैसे और जान पहचान के भटक रहा था......

वो झाँसी जिले में रहने वाला एक भारतीय नागरिक बन चुका है....।

ये तो एक बांग्लादेशी की कहानी है. ...............

देश में रोज बड़ी संख्या में बाग्लादेशी और पाकिस्तानी क़बायली बन्जारे आते हैं और वक़्फ़ बोर्ड की सहायता से भारतीय नागरिक बन जाते हैं ।

भारत के अनेक जिलों का खास कर उत्तर प्रदेश, केरल और बंगाल का धार्मिक समीकरण बिल्कुल बदल चुका है..............

और हम कहाँ हैं??
ब्राह्मणवाद, जॉटिज़्म, राजपूताना या बनियागिरी पे या फिर जय_भीम पे 😥😥

एक राष्ट्र एक शक्ति✊🏼🚩 जय हिंद जय भारत

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V!shu
 
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