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जानिए क्या हैं राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कायदे-कानून

1.झंडा हाथ से काते और बुने गए ऊनी, सूती, सिल्क या खादी से बना होना चाहिए। झंडे का आकार आयताकार होना चाहिए। इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 का होना चाहिए। केसरिया रंग को नीचे की तरफ करके झंडा लगाया या फहराया नहीं जा सकता।
2.सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ही तिरंगा फहराया जा सकता है। झंडे को कभी भी जमीन पर नहीं रखा जा सकता। झंडे को आधा झुकाकर नहीं फहराया जाएगा सिवाय उन मौकों के जब सरकारी इमारतों पर झंडे को आधा झुकाकर फहराने के आदेश जारी किए गए हों।
3.झंडे को कभी पानी में नहीं डुबोया जा सकता। किसी भी तरह फिजिकल डैमेज नहीं पहुंचा सकते। झंडे के किसी भाग को जलाने, नुकसान पहुंचाने के अलावा मौखिक या शाब्दिक तौर पर इसका अपमान करने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
4.झंडे का कमर्शल इस्तेमाल नहीं कर सकते। किसी को सलामी देने के लिए झंडे को झुकाया नहीं जाएगा। अगर कोई शख्स झंडे को किसी के आगे झुका देता हो, उसका वस्त्र बना देता हो, मूर्ति में लपेट देता हो या फिर किसी मृत व्यक्ति (शहीद आर्म्ड फोर्सेज के जवानों के अलावा) के शव पर डालता हो, तो इसे तिरंगे का अपमान माना जाएगा।
5.तिरंगे की यूनिफॉर्म बनाकर पहनना गलत है। अगर कोई शख्स कमर के नीचे तिरंगे को कपड़ा बनाकर पहनता हो तो यह भी अपमान है। तिरंगे को अंडरगार्मेंट्स, रुमाल या कुशन आदि बनाकर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
6.झंडे पर किसी तरह के अक्षर नहीं लिखे जाएंगे। खास मौकों और राष्ट्रीय दिवसों जैसे गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा फहराए जाने से पहले उसमें फूलों की पंखुड़ियां रखने में कोई आपत्ति नहीं है।
7.किसी कार्यक्रम में वक्ता की मेज को ढकने या मंच को सजाने में झंडे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। गाड़ी, रेलगाड़ी या वायुयान की छत, बगल या पीछे के हिस्से को ढकने में यूज नहीं कर सकते। झंडे का इस्तेमाल किसी इमारत में पर्दा लगाने के लिए नहीं किया जा सकता।
8.फहराए गए झंडे की स्थिति सम्मानजनक बरकरार होनी चाहिए। फटा या मैला-कुचैला झंडा नहीं फहराया जाना चाहिए। झंडा फट जाए, मैला हो जाए तो उसे एकांत में मर्यादित तरीके से पूरी तरह नष्ट कर दिया जाए।
9.यदि झंडे को किसी मंच पर फहराया जाता है, तो उसे इस प्रकार लगाया जाना चाहिए कि जब वक्ता का मुंह श्रोताओं की ओर हो तो झंडा उसके दाहिनी ओर रहे। एक तरीका यह भी है कि झंडे को वक्ता के पीछे दीवार के साथ और उससे ऊपर लेटी हुई स्थिति में प्रदर्शित किया जाए।
10.किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय झंडे से ऊंचा या उससे ऊपर या उसके बराबर नहीं लगाया जा सकता। इसके अलावा, फूल, माला, प्रतीक या अन्य कोई वस्तु झंडे के पोल के ऊपर रखी जाए।

 
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507 days
 
Itsbadal

🙏👇 *जय शिव सदाशिव* 👇🙏

*कौन सी धातु के बर्तन में भोजन करने से क्या क्या लाभ और हानि होती है.......🙏🏼*

*सोना*

सोना एक गर्म धातु है। सोने से बने पात्र में भोजन बनाने और करने से शरीर के आन्तरिक और बाहरी दोनों हिस्से कठोर, बलवान, ताकतवर और मजबूत बनते है और साथ साथ सोना आँखों की रौशनी बढ़ता है।

*चाँदी*

चाँदी एक ठंडी धातु है, जो शरीर को आंतरिक ठंडक पहुंचाती है। शरीर को शांत रखती है इसके पात्र में भोजन बनाने और करने से दिमाग तेज होता है, आँखों स्वस्थ रहती है, आँखों की रौशनी बढती है और इसके अलावा पित्तदोष, कफ और वायुदोष को नियंत्रित रहता है।

*कांसा*

काँसे के बर्तन में खाना खाने से बुद्धि तेज होती है, रक्त में शुद्धता आती है, रक्तपित शांत रहता है और भूख बढ़ाती है। लेकिन काँसे के बर्तन में खट्टी चीजे नहीं परोसनी चाहिए खट्टी चीजे इस धातु से क्रिया करके विषैली हो जाती है जो नुकसान देती है। कांसे के बर्तन में खाना बनाने से केवल ३ प्रतिशत ही पोषक तत्व नष्ट होते हैं।

*तांबा*

तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से व्यक्ति रोग मुक्त बनता है, रक्त शुद्ध होता है, स्मरण-शक्ति अच्छी होती है, लीवर संबंधी समस्या दूर होती है, तांबे का पानी शरीर के विषैले तत्वों को खत्म कर देता है इसलिए इस पात्र में रखा पानी स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है. तांबे के बर्तन में दूध नहीं पीना चाहिए इससे शरीर को नुकसान होता है।

*पीतल*

पीतल के बर्तन में भोजन पकाने और करने से कृमि रोग, कफ और वायुदोष की बीमारी नहीं होती। पीतल के बर्तन में खाना बनाने से केवल ७ प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट होते हैं।

*लोहा*

लोहे के बर्तन में बने भोजन खाने से शरीर की शक्ति बढती है, लोह्तत्व शरीर में जरूरी पोषक तत्वों को बढ़ता है। लोहा कई रोग को खत्म करता है, पांडू रोग मिटाता है, शरीर में सूजन और पीलापन नहीं आने देता, कामला रोग को खत्म करता है, और पीलिया रोग को दूर रखता है. लेकिन लोहे के बर्तन में खाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसमें खाना खाने से बुद्धि कम होती है और दिमाग का नाश होता है। लोहे के पात्र में दूध पीना अच्छा होता है।

*स्टील*

स्टील के बर्तन नुक्सान दायक नहीं होते क्योंकि ये ना ही गर्म से क्रिया करते है और ना ही अम्ल से. इसलिए नुक्सान नहीं होता है. इसमें खाना बनाने और खाने से शरीर को कोई फायदा नहीं पहुँचता तो नुक्सान भी नहीं पहुँचता।

*एलुमिनियम*

एल्युमिनिय बोक्साईट का बना होता है। इसमें बने खाने से शरीर को सिर्फ नुक्सान होता है। यह आयरन और कैल्शियम को सोखता है इसलिए इससे बने पात्र का उपयोग नहीं करना चाहिए। इससे हड्डियां कमजोर होती है. मानसिक बीमारियाँ होती है, लीवर और नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचती है। उसके साथ साथ किडनी फेल होना, टी बी, अस्थमा, दमा, बात रोग, शुगर जैसी गंभीर बीमारियाँ होती है। एलुमिनियम के प्रेशर कूकर से खाना बनाने से 87 प्रतिशत पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं।

*मिट्टी*

मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने से ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं, जो हर बीमारी को शरीर से दूर रखते थे। इस बात को अब आधुनिक विज्ञान भी साबित कर चुका है कि मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से शरीर के कई तरह के रोग ठीक होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, अगर भोजन को पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाना है तो उसे धीरे-धीरे ही पकना चाहिए। भले ही मिट्टी के बर्तनों में खाना बनने में वक़्त थोड़ा ज्यादा लगता है, लेकिन इससे सेहत को पूरा लाभ मिलता है। दूध और दूध से बने उत्पादों के लिए सबसे उपयुक्त हैमिट्टी के बर्तन। मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से पूरे १०० प्रतिशत पोषक तत्व मिलते हैं। और यदि मिट्टी के बर्तन में खाना खाया जाए तो उसका अलग से स्वाद भी आता है।

 
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DDLJ143

👉 निरोगधाम पत्रिका

जीवनोपयोगी

1. सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए

उत्तर - हल्का गर्म

2. पानी पीने का क्या तरीका होता है

उत्तर - सिप सिप करके व नीचे बैठ कर

3. खाना कितनी बार चबाना चाहिए

उत्तर. - 32 बार

4. पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए

उत्तर. - सुबह

5. सुबह का नाश्ता कब तक खा लेना चाहिए

उत्तर. - सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक

6. सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए

उत्तर. - जूस

7. दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए

उत्तर. - लस्सी / छाछ

8. रात को खाने के साथ क्या पीना चाहिए

उत्तर. - दूध

9. खट्टे फल किस समय नही खाने चाहिए

उत्तर. - रात को

10. लस्सी खाने के साथ कब पीनी चाहिए

उत्तर. - दोपहर को

11. खाने के साथ जूस कब लिया जा सकता है

उत्तर. - सुबह

12. खाने के साथ दूध कब ले सकते है

उत्तर. - रात को

13. आईसक्रीम कब कहानी चाहिए

उत्तर. - कभी नही

14. फ्रिज़ से निकाली हुई चीज कितनी देर बाद
खानी चाहिए

उत्तर. - 1 घण्टे बाद

१५. क्या कोल्ड ड्रिंक पीना चाहिए

उत्तर. - नहीं

16. बना हुआ खाना कितनी देर बाद तक खा
लेना चाहिए

उत्तर. - 40 मिनट

17. रात को कितना खाना खाना चाहिए

उत्तर. - न के बराबर

18. रात का खाना किस समय कर लेना चाहिए

उत्तर. - सूरज छिपने से पहले

19. पानी खाना खाने से कितने समय पहले
पी सकते हैं

उत्तर. - 48 मिनट

20. क्या रात को लस्सी पी सकते हैं

उत्तर. - नही

21. सुबह खाने के बाद क्या करना चाहिए

उत्तर. - काम

22. दोपहर को खाना खाने के बाद क्या करना
चाहिए

उत्तर. - आराम

23. रात को खाना खाने के बाद क्या करना
चाहिए

उत्तर. - 500 कदम चलना चाहिए

24. खाना खाने के बाद हमेशा क्या करना
चाहिए

उत्तर. - वज्र आसन

25. खाना खाने के बाद वज्रासन कितनी देर
करना चाहिए.

उत्तर. - 5 -10 मिनट

26. सुबह उठ कर आखों मे क्या डालना चाहिए

उत्तर. - मुंह की लार

27. रात को किस समय तक सो जाना चाहिए

उत्तर. - 9 - 10 बजे तक

28. तीन जहर के नाम बताओ

उत्तर.- चीनी , मैदा , सफेद नमक

29. दोपहर को सब्जी मे क्या डाल कर खाना
चाहिए

उत्तर. - अजवायन

30. क्या रात को सलाद खानी चाहिए

उत्तर. - नहीं

31. खाना हमेशा कैसे खाना चाहिए

उत्तर. - नीचे बैठकर व खूब चबाकर

32. क्या विदेशी समान खरीदना चाहिए

उत्तर. - कभी नही

33. चाय कब पीनी चाहिए

उत्तर. - कभी नहीं

33. दूध मे क्या डाल कर पीना चाहिए

उत्तर. - हल्दी

34. दूध में हल्दी डालकर क्यों पीनी चाहिए

उत्तर. - कैंसर ना हो इसलिए

35. कौन सी चिकित्सा पद्धति ठीक है

उत्तर. - आयुर्वेद

36. सोने के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए

उत्तर. - अक्टूबर से मार्च (सर्दियों मे)

37. ताम्बे के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए

उत्तर. - जून से सितम्बर(वर्षा ऋतु)

38. मिट्टी के घड़े का पानी कब पीना चाहिए

उत्तर. - मार्च से जून (गर्मियों में)

39. सुबह का पानी कितना पीना चाहिए

उत्तर. - कम से कम 2 - 3 गिलास

40. सुबह कब उठना चाहिए

उत्तर. - सूरज निकलने से डेढ़ घण्टा पहले

 
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881 days
 
Gili

नीम का तेल + कपूर =
(All Out) तथा मोर्टीन का बाप

★ (All Out) की केमिकल वाली खाली रिफिल आपको आपने घर में मिल जायेगी ! अब बाजार से आपको दो चीज लानी है एक तो नीम का तेल और कपूर !

★ खाली रिफिल में आप नीम का तेल डाले और थोड़ा सा कपूर भी डाल दे और रिफिल को मशीन में लगा दे पूरी रात मच्छर नही आयेगे !

★ जब एक प्राकृतिक तरीके से मच्छरो से छुटकारा मिल जाए तो पेस्टीसाइड का जहर अपने जिंदगी मे क्यो घोल रहे है !

★ मच्छर भगाने वाली क्वायल 100 सिगरेट के बराबर नुकसान करती है ! तो सावधान रहिए मच्छर भगाने का सबसे सस्ता, टिकाऊ, आसान और देसी तरीका है पैसे और स्वास्थ्य दोनों की बचत है !

【नीम का तेल 1 लीटर 250 का व 100 ग्राम असली कपूर केवल 100 रूपए का मिलता है 】

जिससे गुडनाईट की शीशी 25 बार भर सकती है ! यानि केवल 14 - 15 रूपए में बिना नुक्सान वाली गुडनाईट रिफिल तैयार !

【नोट : ज़्यादा मच्छर हों तो सोने जाने से पहले केवल नीम के तेल का दिया जलाएँ 】

कृप्या इस मैसेज को अपने मित्रों व जानकारों को अवश्य भेजें या बताएँ🙏

 
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anil Manawat

Olive oil for the digestive tract :

Take 1 tablespoon of olive oil on an empty stomach to stimulate digestion and relieve upset stomach, flatulence and heartburn.

 
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ALL IS WELL

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🌹नदियों के किनारों पर बसे
विश्व के प्रमुख नगर🌹

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🍭 नगर 👉 नदी
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🍭 मास्को 👉 मोस्कवा नदी
🍭 कोलम्बो 👉 केलानी नदी
🍭 बगदाद 👉 टिगरिस नदी
🍭नई दिल्ली 👉 य मुनानदी
🍭बेलग्रेड 👉 डेन्यूब नदी
🍭आगरा 👉 यमुनानदी
🍭 बर्लिन 👉 स्ट्री नदी
🍭 हरिद्वार 👉 गंगा नदी
🍭 बुडापेस्ट 👉 डेन्यूब नदी
🍭 कानपुर 👉 गंगानदी
🍭 काहिरा 👉 नील नदी
🍭 नासिक 👉 गोदावरी नदी
🍭 करांची 👉 सिन्धु नदी
🍭 उज्जैन 👉 क्षिप्रा नदी
🍭 लन्दन 👉 टेम्स नदी
🍭 श्रीनगर 👉 झेलमनदी
🍭 लाहौर 👉 रावी नदी
🍭 इलाहाबाद 👉 गंगा-यमुना
🍭 न्यूयार्क 👉 हडसन नदी
🍭 अहमदाबाद 👉 साबरमती
🍭 पेरिस 👉 सीन नदी
🍭 कोलकात्ता 👉 हुगली
🍭 रोम 👉 टाईबर नदी
🍭 गुवाहाटी 👉 ब्रह्मपुत्र
🍭 शंघाई 👉 यांगटिसिक्यांग
🍭 जबलपुर 👉 नर्मदा
🍭टोकियो 👉 सुमीदा नदी gg
🍭 सूरत 👉 ताप्ती
🍭 विएना 👉 डेन्यूब नदी
🍭 हैदराबाद 👉 मूसी
🍭 वारसा 👉 विस्तुला न दी
🍭 लखनऊ 👉 गोमती
🍭 वाशिंगटन 👉 पोटोमेक नदी ।
🌹🌹🌱🌱🌱

 
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Shubhiii

🌅 चिकनगुनिया का इलाज 🌅

ये दवा बनानी कितनी आसान है !

तुलसी का काढ़ा पी लो !

नीम की गिलोय होती है उसको भी उसमे डाल लो !

थोड़ी सोंठ(सुखी अदरक) डाल लो !

थोड़ी छोटी पीपर डाल लो !

और अंत थोड़ा गुड मिला लो !

क्यूंकि काढ़ा ज्यादा कड़वा हो जाता है तो कई बार पिया नहीं जाता !

मात्र इसकी 3 खुराक से राजीव भाई ने हजारो लोगो का चिकनगुनिया पूरा खत्म कर दिया !!

और जो ये एलोपेथी वाले ने किया ! Voveron के 3 -3 इंजेक्शन ठोक दिए ! Diclofenac दे दो !
Paracetamol भी दे दो ! जो इनके पास है सब मरीज को ठोक दिया ! और लोग 20 -20 दिन से बिस्तर मे पड़े तड़पते रहे !!

और कुछ डाक्टर जिनको खुद चिकनगुनिया हो गया ! राजीव भाई के पास आए और बोलो कुछ बता दो ! राजीव भाई ने कहा अपना इंजेक्शन खुद क्यूँ नहीं ठोक लेते ! तो उन्होने ने कहा हमे मालूम है इसके Side Effects क्या हैं !

तो राजीव भाई ने कहा मरीज को क्यूँ नहीं बताते ???
क्या इतने हरामखोर हो ??
तुम जानते हो voveron लगाएंगे मुंह मे छाले हो जाएँगे ! गले मे छालें हो जाएँगे ! अल्सर होने की भी संभावना है ! यह सब तुम जानते हो तो मरीज को क्यूँ नहीं बताते ???

यह हरामखोरी तुममे कहाँ से आ गई ??
अपने को ये सब इंजेक्शन लगाओ नहीं ! और मरीज को ठोकते जाओ ठोकते जाओ ! और तुमको मालूम भी है कि मरीज इससे ठीक होने वाला नहीं ! फिर भी Paracetamol दे दो फिर Novalgin दे दो !

और दुर्भाग्य से ये सारी दवाएं यूरोप के देशों मे पीछले 20 -20 सालो से बंद है ! वो कहते है Diclofenac खराब है ! Paracetamol तो जहर है ! Novaljin तो 1984 से अमेरिका मे बैन है ! और वही इंजेक्शन ठोक रहें बार बार ! और मरीज जो है ठीक ही नहीं हो रहा !!
राजीव भाई बताते है होम्योपैथी की तो बहुत सी दवा तो आयुर्वेद से हीं बनाई गई हैं । आप मे से कुछ होम्योपैथी डाक्टर होंगे तो वो जानते होंगे ! तुलसी से ही Ocimum बनी हैं ! तो Ocimum की तीन तीन खुराक देकर राजीव भाई ने कर्नाटक राज्य मे 70 हजार लोगो को चलता कर दिया ! और वो 20 -20 दिन से एलोपैथी खा रहे थे Result नहीं आ रहा था ! बुखार रुक नहीं रहा था उल्टी पे उल्टी हो रही थी ! नींद आ नहीं रही थी और Ocimum 200 की तीन तीन खुराक से सब ठीक कर दिया !
और अंत में कर्नाटक राज्य की सरकार ने इसके परिणाम देख अपने सारे डाएरेक्टर, जोइन डायरेक्टर ! लगा दिये कि जाओ देखो ये राजीव दीक्षित क्या दे रहा है !

राजीव भाई 70 हजार लोगो को दवा दी सिर्फ 6 मरे ! और उन्होने 1 लाख 22 हजार लोगो दवा की मुश्किल से 6 बचे !! ये कर्नाटक का हाल था ! राजीव भाई बोले मेरी मजबूरी यह थी की कार्यकर्ता कम पढ़ गए ! अगर 1 -2 हजार डाक्टरों की टीम साथ होती ! तो हम कर्नाटक के उन लाखो लोगो को बचा लेते जो मर गए !

तो मित्रो ये तुलसी , नीम, सोंठ, गिलोय ,पीपर सब आपके घर मे आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं ! इनके प्रयोग से आप रोगी की जान बचा सकते हैं ! और अगर पूरे शहर या गाँव मे फैल जाये तो एक एक को काढ़ा पिलाना मुश्किल हो तो होम्योपैथी की Ocimum 200 की दो दो बुँदे 3 -3 बार मरीजो को दीजिये !!
उनका अनमोल जीवन और पैसा बचाइए !

 
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647 days
 
Shubhiii

\'दिमाग\' से जुड़े 35 ग़ज़ब रोचक तथ्य

1. अगर 5 से 10 मिनट तक दिमाग में ऑक्सीजन की कमी हो जाए तो यह हमेशा के लिए Damage हो सकता हैं.

2. दिमाग पूरे शरीर का केवल 2% होता हैं लेकिन यह पूरी बाॅडी का 20% खून और ऑक्सीजन अकेला इस्तेमाल कर लेता हैं.

3. हमारा दिमाग़ 40 साल की उम्र तक बढ़ता रहता हैं.

4. हमारे दिमाग के 60% हिस्से में चर्बी होती हैं इसलिए यह शरीर का सबसे अधिक चर्बी वाला अंग हैं.

5. सर्जरी से हमारा आधा दिमाग़ हटाया जा सकता हैं और इससे हमारी यादों पर भी कुछ असर नही पडेगा.

6. जो बच्चे पाँच साल का होने से पहले दो भाषाएँ सीखते है उनके दिमाग की संरचना थोड़ी सी बदल जाती हैं.

7. दिमाग की 10% प्रयोग करने वाली बात भी सच नही हैं बल्कि दिमाग के सभी हिस्सों का अलग-अलग काम होता हैं.

8. दिमाग़ के बारे में सबसे पहला उल्लेख 6000 साल पहले सुमेर से मिलता हैं.

9. 90 मिनट तक पसीने में तर रहने से आप हमेशा के लिये एक मनोरोगी बन सकते हो.

10. बचपन के कुछ साल हमें याद नही रहते क्योकिं उस समय तक "HIPPOCAMPUS" डेवलप नही होता, यह किसी चीज को याद रखने के लिए जरूरी हैं.

11. छोटे बच्चे इसलिए ज्यादा सोते हैं क्योंकि उनका दिमाग़ उनके शरीर द्वारा बनाया गया 50% ग्लूकोज इस्तेमाल करता हैं.

12. 2 साल की उम्र में किसी भी उम्र से ज्यादा Brain cells होती हैं.

13. अगर आपने पिछली रात शराब पीयी थी और अब आपको कुछ याद नही हैं तो इसका मतलब ये नही हैं कि आप ये सब भूल गए हो बल्कि ज्यादा शराब पीने के बाद आदमी को कुछ नया याद ही नही होता.

14. एक दिन में हमारे दिमाग़ में 70,000 विचार आते हैं और इनमें से 70% विचार Negative (उल्टे) होते हैं.

15. हमारे आधे जीन्स दिमाग़ की बनावट के बारे में बताते हैं और बाकी बचे आधे जीन्स पूरे शरीर के बारे में बताते हैं.

16. हमारे दिमाग की memory unlimited होती हैं यह कंप्यूटर की तरह कभी नही कहेगा कि memory full हो गई.

17. अगर शरीर के आकार को ध्यान में रखा जाए तो मनुष्य का दिमाग़ सभी प्रणीयों से बड़ा हैं। हाथी के दिमाग का आकार उसके शरीर के मुकाबले सिर्फ 0.15% होता हैं बल्कि मनुष्य का 2%.

18. एक जिन्दा दिमाग बहुत नर्म होता है और इसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता हैं.

19. जब हमे कोई इगनोर या रिजेक्ट करता हैं तो हमारे दिमाग को बिल्कुल वैसा ही महसूस होता हैं जैसा चोट लगने पर.

20. Right brain/Left brain जैसा कुछ नही हैं ये सिर्फ एक मिथ हैं. पूरा दिमाग़ इकट्ठा काम करता हैं.

21. चाॅकलेट की खूशबू से दिमाग़ में ऐसी तरंगे उत्पन्न होती हैं जिनसे मनुष्य आराम (Relax) महसूस करता हैं.

22. जिस घर में ज्यादा लड़ाई होती हैं उस घर के बच्चों के दिमाग पर बिल्कुल वैसा ही असर पड़ता हैं जैसा युद्ध का सैनिकों पर.

23. टी.वी. देखने की प्रक्रिया में दिमाग़ बहुत कम इस्तेमाल होता है और इसलिए इससे बच्चों का दिमाग़ जल्दी विकसित नहीं होता. बच्चों का दिमाग़ कहानियां पढ़ने से और सुनने से ज्यादा विकसित होता है क्योंकि किताबों को पढ़ने से बच्चे ज्यादा कल्पना करते हैं.

24. हर बार जब हम कुछ नया सीखते है तो दिमाग में नई झुर्रियां विकसित होती हैं और यह झुरिया ही IQ का सही पैमाना हैं.

25. अगर आप खुद को मना ले कि हमने अच्छी नींद ली हैं तो हमारा मस्तिष्क भी इस बात को मान जाता हैं.

26. हमारे पलक झपकने का समय 1 सैकेंड के 16वें हिस्से से कम होता है पर दिमाग़ किसी भी वस्तु का चित्र सैकेंड के 16वें हिस्से तक बनाए रखता हैं.

27. हेलमेट पहनने के बाद भी दिमाग को चोट लगने की संभावना 80% होती हैं.

28. मनुष्य के दिमाग़ में दर्द की कोई भी नस नही होती इसलिए वह कोई दर्द नही महसूस नही करता.

29. एक ही बात को काफी देर तक tension लेकर सोचने से हमारा दिमाग कुछ समय के लिए सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता को खो देता हैं.

31. दिमाग तेज करने के लिए सिर में मेहंदी लगाए और दही खाए. क्योकिं दही में अमीनो ऐसिड होता हैं जिससे टेंशन दूर होती हैं और दिमाग़ की क्षमता बढ़ती हैं.

32. अगर आप अपने स्मार्टफ़ोन पर लम्बे समय तक काम करते हैं तब आपके दिमाग़ में ट्यूमर होने का खतरा बड़ जाता हैं.

33. अगर दिमाग़ से "Amygdala" नाम का हिस्सा निकाल दिया जाए तो इंसान का किसी भी चीज से हमेशा के लिए डर खत्म हो जाएगा.

34. Brain (दिमाग) और Mind (मन) दो अलग-अलग चीजे हैं वैज्ञानिक आज तक पता नही लगा पाए कि मन शरीर के किस हिस्से में हैं.

35. हमारे दिमाग़ में एक "मिडब्रेन डोपामाइन सिस्टम" (एमडीएस) होता है, जो घटने वाली घटनाओं के बारे में मस्तिष्क को संकेत भेजता हैं हो सकता की हम इसे ही अंतर्ज्ञान अथवा भविष्य के पूर्वानुमान कहते हैं. जिस व्यक्ति के दिमाग में यह सिस्टम जितना ज्यादा विकसित होता है वह उतनी ही सटीक भविष्यवाणी कर सकता हैं.

Q. दिमाग तेज करने का सबसे आसान उपाय ?
Ans. दीमाग तेज करने का सबसे आसान उपाय हैं, जमकर पानी पाएँ। 1 गिलास पानी पीने से दिमाग 14% तेजी से काम करता हैं. जब तक प्यास शांत नही होती तब तक मनुष्य के दिमाग को ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती हैं.

 
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User26894

ये हैं भारतीय कंपनियां जिन्होंंने बाजार में विदेशी कंपनियों को टक्कर दे रखा हैं.

आपको पता है कि कौन सी ऐसी भारतीय कम्पनियाँ हैं जिन्होंने विदेशी बाजार में धूम मचा रखा है। जब नाम ब्रांड्स की आती है तो भारतियों में एक आम धारणा है कि विदेशी होगा तो अच्छा होगा। पर हर बार ऐसा नहीं होता। कई बार ऐसा होता है कि ब्रांडिंग की बात आने पर कम्पनियां अपना पूरा ज़ोर लगा देती हैं और उनका विज्ञापन इतने बहतर ढंग से किया जाता है कि उपभोक्ताओं को ये समझ ही नहीं आता कि कोई कंपनी देशी है या विदेशी। आज मैं आपको बता रहा हूँ 10 ऐसी भारतीय कंपनियों के बारे में जो भारत की हैं पर विदेशी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रही हैं।

कैफ़े कॉफ़ी डे
कैफ़े कॉफ़ी डे कई कॉफ़ी ट्रेडिंग कंपनियों से मिलकर बनी एक कंपनी है। ये दक्षिण भारत के चिक्मंग्लोर में स्थापित की गई थी। ये पूरे एशिया की सबसे बड़ी कंपनी है। ये अर्बिका बीन्स की पैदावार करते हैं। ये 12000 एकड़ में फैली हुई है और यहां से यूएसए, जापान और यूरोप में कॉफ़ी का निर्यात किया जाता है। स्टारबक्स, कोस्टा कॉफ़ी, टिया लीफ जैसे बड़े ब्रांड इसे अपनी जगह से हिला नहीं सके हैं। पूरे देश भर में इसके 1500 से ऊपर आउटलेट्स हैं। और पिछले कुछ समय में इसने दुसरे कई देशों में अपने नए आउटलेट्स खोले हैं।

थम्स अप
1993 में कोका-कोला कंपनी ने इसे चौहान ब्रदर्स से खरीद लिया था। कोका-कोला इस कंपनी को ख़तम कर देना चाहता था पर ऐसा हुआ नहीं। लोग इसे आज भी बेहद पसंद करते हैं। आज भी ये कोका-कोला में 16% शेयर रखती है खूब बिकती है।

ओल्ड मोंक
इसे 1954 में मोहन मेअकिन लिमिटेड ने बनाना शुरू किया था। ये कंपनी गाज़ियाबाद में स्थित है। ये डार्क रम अपने स्वाद की वजह से जाना जाता है। अभी कुछ ही समय पहले तक ये पूरी दुनिया में बिकने वाली डार्क रम में सबसे पहले नंबर पर थी।

अमूल
अमूल यानी कि आनंद मिल्क युनियन लिमिटेड. इसे Gujarat Co-operative Milk Marketing Federation Ltd. (GCMMF) द्वारा 1946 में शुरू किया गया। करीब 3 मिलियन लोग इसको चलाते हैं यानि इसमें योगदान देते हैं। इस कंपनी को भारत में श्वेत क्रांति लाने का श्रेय जाता है. ये अभी तक विदेशी ब्रांडों को कड़ी टक्कर दे रहा है।

एमआरएफ
एमआरएफ़ का पूरा नाम पता है आपको? मद्रास रबर फैक्ट्री। इस कंपनी को महज़ 14000 रूपए के साथ 40 के दशक में शुरू किया गया था। ये आज दुनिया के लीडिंग ब्रांडों में से एक है। ये टायर, खिलौने, मोटरस्पोर्ट्स और क्रिकेट ट्रेनिंग के सामान बनाते हैं।

रॉयल एनेफिल्ड
बुलेट के क्रेज़ के बारे में आप सबको पता होगा। ये दुनिया के लीडिंग ब्रांड में से एक है। ये कंपनी चेन्नई में स्थापित है। इसको यूएस और यूरोप में निर्यात किया जाता है। इसका करंट मार्किट रेट 250-800 cc है।

लैक्मे
लैक्मे एक ऐसा ब्रांड है जो मिलियन डॉलर ब्रांड लौरियल को कड़ी टक्कर दे रहा है। ये ब्रांड यूनिलीवर group का है। इसका नाम फ्रेंच देवी के नाम पर रखा गया जो कि ख़ुशहाली का प्रतीक मानी जाती हैं। इसको 1952 में शुरू किया गया। तत्कालीन प्रदानमंत्री जवाहर लाल नेहरु इस बात से प्रभावित थे कि भारतीय महिलाएं अपना बहुत पैसा विदेशी ब्यूटी ब्रांडों में खर्च कर रही हैं। उन्होंने जेआरडी टाटा से उन्हें भारत में ही निर्मित करने को कहा। ये कंपनी भारत में लीड कर रही है।

माइक्रोमेैक्स
ये कंपनी Rajesh Agarwal, Sumeet Arora, Rahul Sharma, और Vikas Jain की है। इसे भारत में 2010 में लॉन्च किया गया। ये वो समय था जब सभी विदेशी कम्पनियाँ भारत में मौजूद थीं। उस समय किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि ये फ़ोन चलेगा क्योंकि सैमसंग को ही सबसे विश्वसनीय ब्रांड माना जाता था। जब विदेशी कम्पनियां शहरों के मार्किट पर ध्यान दे रही थीं तब इन्होंने भारत के छोटे इलाकों में अपनी पहुंच बनाई। इस कंपनी ने बेहद कम कीमतों में लोगों को एंड्राइड के वो सभी फ़ीचर्स दिए जो बड़े ब्रांड में ऊंचे दामों में मिल रहे थे। आज ये भारतीय बाज़ार में एक अच्छे और बेहतर स्थान पर है।

एयरटेल
भारती एयरटेल कंपनी भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के लीडिंग टेलीकम्युनिकेशन कंपनी है। इसके मालिक सुनील भारती मित्तल हैं। ये भारत सहित 20 देशों में अपनी सेवा देते हैं। ये दुनिया में 275 मिलियन सब्सक्राइबर के साथ चौथे स्थान पर है।

रेमंड
इस कंपनी को 1925 में मुंबई में स्थापित किया गया था। इसके कई और साथी ब्रांड भी हैं जैसे Raymond, Raymond Premium Apparel, Park Avenue, Park Avenue Woman, Manzoni, ColorPlus, zapp, Notting Hill & Parx। ये भारत के फैब्रिक मार्केट में 60% शेयर रखते हैं। ये अपने उत्पाद 55 देशों में निर्यात करता है जिनमें United States, Canada, Europe, Japan and the Middle East शामिल हैं।

 
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Sam's Son

ये रत्न 9 ही क्यों थे और सबसे पहले किसके पास थे?

जीनियस लोगों के ग्रुप पुराने वक्त से ही बड़े चलन में थे. इनमें से कुछ ग्रुप सीक्रेट भी हुआ करते थे. लेकिन लगता है ऐसा ग्रुप बनाने वाले राजा-महाराजा लोगों को 9 नंबर से बड़ा प्यार था.
ये सुनते ही आपके दिमाग में अकबर के नवरत्न आ गए होंगे, हैं न? ये उस वक्त के 9 जीनियस लोगों का ग्रुप था, जिसे बादशाह अकबर ने दरबार में ख़ास जगह दे रखी थी.

बीरबल
बीरबल यानी महेश दास. ये एक कवि होने के साथ-साथ अकबर के दरबार में सलाहकार भी थे. लेकिन हम बीरबल को ऐसे कहां जानते हैं. हम लोगों ने तो अकबर-बीरबल के किस्से पढ़े हैं. वही जिसमें बीरबल हर बार अपने स्मार्ट जवाब या कमेन्टबाज़ी से अकबर का दिल जीत लेते हैं. लेकिन आजकल तो क्लास के सबसे स्मार्ट कमेंट करने वाले बच्चे को क्लास से ही निकाल दिया जाता है. कहां से कोई \'रत्न\' मिलेगा! वैसे ये किस्से कितने सच्चे हैं, कहा नहीं जा सकता. बीरबल यूं तो हंसोड़ मिजाज आदमी थे, पर मारे गए युद्ध के मैदान में.

अबुल फ़ज़ल
ये बड़े कमाल के स्कॉलर थे. अकबरनामा इन्होंने ही लिखा था. वही अकबरनामा जिसमें उस वक्त के भारत की ढेरों जानकारियां मिलती हैं. खेती, ज़मीन से लेकर टैक्स वसूली और बादशाह के कुनबे की पूरी कहानी. सब कुछ है इस किताब में. ये किताब तीन हिस्सों में है, जिसका अंतिम हिस्सा सबसे ज्यादा फ़ेमस है. इस अंतिम हिस्से को आइन-ए-अकबरी कहते हैं. अपने बड़े भइया के साथ ये भी सूफिज्म में बड़ी दिलचस्पी रखते थे.

फैज़ी
फैज़ी भी बड़े गज़ब के स्कॉलर और कवि थे. आखिर अबुल फ़ज़ल के बड़े भइया जो थे. इनके दीवान, यानी कविता के संग्रह में ग़ज़ल, कसीदे और रुबाई, सब कुछ थे.

टोडरमल
टोडरमल उस ज़माने के फाइनेंस मिनिस्टर थे. मतलब उनके हाथ में ही बजट वगैरह रहते होंगे. बड़े काबिल आदमी थे. ज़मीन को नापने और उस पर टैक्स की कैलकुलेशन करने के बिलकुल शानदार तरीके ये जनाब ही ले कर आए थे. आज भी गांवों में पटवारी और उनकी पूरी टीम जो ज़मीन-जायदाद के काम देखती है, वो टोडरमल के ही इस आइडिया की देन है. टैक्स वसूलने के भी एक से एक आइडिया थे इनके पास. हमने तो सुना है इनके ऊपर कुछ वीडियो गेम भी बनाए गए हैं.

मान सिंह
पहले तो ये राजपूताना के एक राजा थे. और इनके राज्य का नाम बड़ा खूबसूरत था, आमेर. जिसे अम्बर भी बोला जाता था. इनकी बुआ की शादी अकबर के यहां हो गई थी. फिर ये अकबर के साथ हो लिए. महाराणा प्रताप से अकबर की जो लड़ाई हुई थी, उसमे मान सिंह ही आर्मी की कमान संभाल रहे थे. इसी चक्कर में फंस भी गए थे. क्योंकि अकबर को एक टाइम पे ये लगा कि अंदर ही अंदर मान सिंह महाराणा प्रताप से मिले हुए हैं. हालांकि ऐसा साबित नहीं हुआ था.

रहीम
इनको तो सभी जानते हैं. बचपन से ही कितने दोहे पढ़े होंगे जो \'कहे रहिमन.\' से शुरू होते थे. ये दोहे के अलावा ज्योतिष विद्या पर भी लिखा करते थे. अच्छा आपको पता है इनका पूरा नाम क्या था? इनके खुद के नाम के अलावा दरबार से मिले टाइटल वगैरह भी थे. और सब कुछ मिलाजुला के अब्दुर रहीम खानेखानान नाम पड़ता था इनका.

फ़क़ीर आज़ाओ-दिन
जैसा कि इनके नाम से पता चलता है, ये फ़क़ीर थे. फिर ये अकबर के दरबार में क्या कर रहे थे? ये वहां धार्मिक और आध्यात्मिक मामलों में सलाह देते थे.

तानसेन
मियां तानसेन को कौन नहीं जानता! संगीत का कोई ऐसा घराना नहीं है भारत में, जो खुद को तानसेन से न जोड़ता हो. गाना गा कर आग लगा देने और बारिश कर देने के किस्से मशहूर हैं इनके. सच्ची में आग-बारिश हुई थी या नहीं, हमें नहीं पता. कुछ म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स भी हैं, जिन्हें तानसेन ने ही बनाया था, ऐसा लोग कहते हैं.

मुल्ला दो प्याज़ा
इनके बारे में कोई ख़ास ऐतिहासिक जानकारी नहीं मिलती है. लेकिन लोगों का मानना था कि ये दिमाग लगाने और स्मार्ट जवाब देने में बीरबल के कॉम्पिटिटर थे.


एक और 9 जीनियस लोगों का ग्रुप था. जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं. इन्हें भी नवरत्न ही कहा जाता था. ये नवरत्न थे गुप्त वंश के चन्द्रगुप्त द्वितीय यानी चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के दरबार में. ये भी 9 धाकड़ किस्म के लोग थे.

अमरसिंह
ये संस्कृत के बहुत बड़े ज्ञानी थे. साथ ही कविताएं भी लिखते थे. इनके \'अमरकोश\' में संस्कृत शब्दों की पूरी जांच-पड़ताल की गई थी.

धन्वंतरि
कभी घर में कोई एक्सपर्ट बनकर दवाएं बताए, या किसी चीज़ के पच्चीसों इलाज बताए, तो उसे कहा जाता है- \'ज्यादा धन्वंतरि मत बनो.\' धन्वंतरि थे ही ऐसे कमाल के मेडिकल एक्सपर्ट.

हरिसेन
हरिसेन चन्द्रगुप्त के \'कोर्ट पोएट\' कहे जा सकते हैं. पुराने ज़माने में आज की तरह फेसबुक और ट्विटर तो होता नहीं था. इसलिए राजा लोग पत्थरों पर अपने और अपनी पालिसी वगैरह के बारे में लिखवाते थे. ऐसी ही एक बड़ी सी कविता इलाहाबाद में मिली थी. हरिसेन ने ही इलाहाबाद के उस \'प्रयाग प्रशस्ति\' में राजा चन्द्रगुप्त के बारे में कविता लिखी थी.

कालिदास
ये वही फ़ेमस नाटककार हैं जिन्हें सब जानते हैं. अक्सर इन्हें \'भारत का शेक्सपियर\' कह दिया जाता है. शायद इसलिए कि शेक्सपियर ने जो नाटक लिखे, वो अंग्रेजी साहित्य में \'क्लासिक\' माने जाते हैं और कालिदास ने जो नाटक लिखे, वो संस्कृत के \'क्लासिक\' माने जाते हैं. लेकिन कालिदास को \'भारत का शेक्सपियर\' कहना कहां तक सही है जब कालिदास शेक्सपियर से सैकड़ों साल पहले अपने नाटक लिख गए थे. और जिस तरह एक नाटककार को \'क्लासिक\' डिफाइन करने का पैमाना मान लिया जाता है, ये भी सवाल उठाने लायक है. \'मेघदूतम\', \'रघुवंशम\', \'ऋतुसंहारम\' और \'अभिज्ञानशाकुंतालम\' जैसी कालजयी चीज़ें यही भाईसाहब लिख गए थे.

कहापनाका
इनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं मिलती है. हां, इतना पता है कि ये ज्योतिष विद्या के एक्सपर्ट थे. ग्रह-नक्षत्र के दांव-पेंच, उसकी दशा-दिशा में माहिर थे ये.

संकू
संकू आर्किटेक्ट थे. ये भाईसाहब उस ज़माने के \'रेबेल\' रहे होंगे. हां, आर्किटेक्चर जैसा \'हटके\' करियर ऑप्शन चुनने के लिए बड़ा दिल चाहिए होता है.

वराहमिहिर
ये कमाल के साइंटिस्ट थे. मैथ्स, एस्ट्रोनॉमी और ज्योतिष विद्या, तीनों के एक्सपर्ट थे. तीन किताबें लिख डाली थी इन्होंने. \'पंचसिद्धान्तिका\' नाम की किताब में इन्होने मैथ्स और एस्ट्रोनॉमी के 5 बड़े सिद्धांत दिए थे. इनमें से सबसे फ़ेमस था सूर्य सिद्धांत. दूसरी किताब थी \'बृहतसंहिता\'. जिसमें साइंस से जुड़ी ढेरों रोचक जानकारियां थीं. तीसरी किताब थी \'सांख्यसिद्धांत\'. वराहमिहिर ने ग्रीक ज्योतिष विद्या पर भी लिखा था.

वारारुचि
ये संस्कृत के स्कॉलर थे. ये भी संस्कृत भाषा, और ख़ासकर व्याकरण के गज्ज़ब के जानकार थे.

वेतालभट्ट
ये जादूगर थे. हमें नहीं पता क्या-क्या गायब किया होगा इन्होंने. लेकिन रहे होंगे ये कमाल के जादूगर ही. तभी तो नवरत्न में शामिल हुए थे.

इन दोनों नवरत्नों के ग्रुप से पहले भी एक 9 जीनियस लोगों का ग्रुप बनाया गया था. इन लोगों को चुना था सम्राट अशोक ने. लेकिन इन्हें नवरत्न नहीं कहा जाता था. फिर क्या कहा जाता था? हमें क्या पता? हां, सच्ची. हमें क्या पता. क्योंकि ये एक सीक्रेट ग्रुप था.

साइंटिफिक और तकनीकी से जुड़ी नई खोज गलत लोगों के हाथों में न पड़े, ये बहुत ज़रूरी होता है. अंदाज़ा लगाया जाता है कि इसी काम के लिए इन 9 जीनियस लोगों का सीक्रेट ग्रुप बनाया गया था. इनके बारे में कोई ख़ास जानकारी नहीं मिलती है. बस ये बताया जाता है कि इन लोगों की ये सीक्रेट पहचान कोई नहीं जानता था. और इन सब के पास एक किताब थी. जिसमें शायद खुफिया साइंटिफिक जानकारियां दर्ज थीं.

अब एक बार जो \'नवरत्न\' शब्द पॉपुलर कल्चर में आया, फिर तो चल ही पड़ा. वैसे तो भारत के 9 PSU यानी पब्लिक सेक्टर यूनिट हैं, इनके ग्रुप को भी नवरत्न कहते हैं. लेकिन आज के समय में जो सबसे भारी-भरकम और असरदार इस्तेमाल है इस शब्द का, वो तो नवरत्न तेल की शीशी पर ही है.

 
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