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ये रत्न 9 ही क्यों थे और सबसे पहले किसके पास थे?

जीनियस लोगों के ग्रुप पुराने वक्त से ही बड़े चलन में थे. इनमें से कुछ ग्रुप सीक्रेट भी हुआ करते थे. लेकिन लगता है ऐसा ग्रुप बनाने वाले राजा-महाराजा लोगों को 9 नंबर से बड़ा प्यार था.
ये सुनते ही आपके दिमाग में अकबर के नवरत्न आ गए होंगे, हैं न? ये उस वक्त के 9 जीनियस लोगों का ग्रुप था, जिसे बादशाह अकबर ने दरबार में ख़ास जगह दे रखी थी.

बीरबल
बीरबल यानी महेश दास. ये एक कवि होने के साथ-साथ अकबर के दरबार में सलाहकार भी थे. लेकिन हम बीरबल को ऐसे कहां जानते हैं. हम लोगों ने तो अकबर-बीरबल के किस्से पढ़े हैं. वही जिसमें बीरबल हर बार अपने स्मार्ट जवाब या कमेन्टबाज़ी से अकबर का दिल जीत लेते हैं. लेकिन आजकल तो क्लास के सबसे स्मार्ट कमेंट करने वाले बच्चे को क्लास से ही निकाल दिया जाता है. कहां से कोई \'रत्न\' मिलेगा! वैसे ये किस्से कितने सच्चे हैं, कहा नहीं जा सकता. बीरबल यूं तो हंसोड़ मिजाज आदमी थे, पर मारे गए युद्ध के मैदान में.

अबुल फ़ज़ल
ये बड़े कमाल के स्कॉलर थे. अकबरनामा इन्होंने ही लिखा था. वही अकबरनामा जिसमें उस वक्त के भारत की ढेरों जानकारियां मिलती हैं. खेती, ज़मीन से लेकर टैक्स वसूली और बादशाह के कुनबे की पूरी कहानी. सब कुछ है इस किताब में. ये किताब तीन हिस्सों में है, जिसका अंतिम हिस्सा सबसे ज्यादा फ़ेमस है. इस अंतिम हिस्से को आइन-ए-अकबरी कहते हैं. अपने बड़े भइया के साथ ये भी सूफिज्म में बड़ी दिलचस्पी रखते थे.

फैज़ी
फैज़ी भी बड़े गज़ब के स्कॉलर और कवि थे. आखिर अबुल फ़ज़ल के बड़े भइया जो थे. इनके दीवान, यानी कविता के संग्रह में ग़ज़ल, कसीदे और रुबाई, सब कुछ थे.

टोडरमल
टोडरमल उस ज़माने के फाइनेंस मिनिस्टर थे. मतलब उनके हाथ में ही बजट वगैरह रहते होंगे. बड़े काबिल आदमी थे. ज़मीन को नापने और उस पर टैक्स की कैलकुलेशन करने के बिलकुल शानदार तरीके ये जनाब ही ले कर आए थे. आज भी गांवों में पटवारी और उनकी पूरी टीम जो ज़मीन-जायदाद के काम देखती है, वो टोडरमल के ही इस आइडिया की देन है. टैक्स वसूलने के भी एक से एक आइडिया थे इनके पास. हमने तो सुना है इनके ऊपर कुछ वीडियो गेम भी बनाए गए हैं.

मान सिंह
पहले तो ये राजपूताना के एक राजा थे. और इनके राज्य का नाम बड़ा खूबसूरत था, आमेर. जिसे अम्बर भी बोला जाता था. इनकी बुआ की शादी अकबर के यहां हो गई थी. फिर ये अकबर के साथ हो लिए. महाराणा प्रताप से अकबर की जो लड़ाई हुई थी, उसमे मान सिंह ही आर्मी की कमान संभाल रहे थे. इसी चक्कर में फंस भी गए थे. क्योंकि अकबर को एक टाइम पे ये लगा कि अंदर ही अंदर मान सिंह महाराणा प्रताप से मिले हुए हैं. हालांकि ऐसा साबित नहीं हुआ था.

रहीम
इनको तो सभी जानते हैं. बचपन से ही कितने दोहे पढ़े होंगे जो \'कहे रहिमन.\' से शुरू होते थे. ये दोहे के अलावा ज्योतिष विद्या पर भी लिखा करते थे. अच्छा आपको पता है इनका पूरा नाम क्या था? इनके खुद के नाम के अलावा दरबार से मिले टाइटल वगैरह भी थे. और सब कुछ मिलाजुला के अब्दुर रहीम खानेखानान नाम पड़ता था इनका.

फ़क़ीर आज़ाओ-दिन
जैसा कि इनके नाम से पता चलता है, ये फ़क़ीर थे. फिर ये अकबर के दरबार में क्या कर रहे थे? ये वहां धार्मिक और आध्यात्मिक मामलों में सलाह देते थे.

तानसेन
मियां तानसेन को कौन नहीं जानता! संगीत का कोई ऐसा घराना नहीं है भारत में, जो खुद को तानसेन से न जोड़ता हो. गाना गा कर आग लगा देने और बारिश कर देने के किस्से मशहूर हैं इनके. सच्ची में आग-बारिश हुई थी या नहीं, हमें नहीं पता. कुछ म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स भी हैं, जिन्हें तानसेन ने ही बनाया था, ऐसा लोग कहते हैं.

मुल्ला दो प्याज़ा
इनके बारे में कोई ख़ास ऐतिहासिक जानकारी नहीं मिलती है. लेकिन लोगों का मानना था कि ये दिमाग लगाने और स्मार्ट जवाब देने में बीरबल के कॉम्पिटिटर थे.


एक और 9 जीनियस लोगों का ग्रुप था. जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं. इन्हें भी नवरत्न ही कहा जाता था. ये नवरत्न थे गुप्त वंश के चन्द्रगुप्त द्वितीय यानी चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के दरबार में. ये भी 9 धाकड़ किस्म के लोग थे.

अमरसिंह
ये संस्कृत के बहुत बड़े ज्ञानी थे. साथ ही कविताएं भी लिखते थे. इनके \'अमरकोश\' में संस्कृत शब्दों की पूरी जांच-पड़ताल की गई थी.

धन्वंतरि
कभी घर में कोई एक्सपर्ट बनकर दवाएं बताए, या किसी चीज़ के पच्चीसों इलाज बताए, तो उसे कहा जाता है- \'ज्यादा धन्वंतरि मत बनो.\' धन्वंतरि थे ही ऐसे कमाल के मेडिकल एक्सपर्ट.

हरिसेन
हरिसेन चन्द्रगुप्त के \'कोर्ट पोएट\' कहे जा सकते हैं. पुराने ज़माने में आज की तरह फेसबुक और ट्विटर तो होता नहीं था. इसलिए राजा लोग पत्थरों पर अपने और अपनी पालिसी वगैरह के बारे में लिखवाते थे. ऐसी ही एक बड़ी सी कविता इलाहाबाद में मिली थी. हरिसेन ने ही इलाहाबाद के उस \'प्रयाग प्रशस्ति\' में राजा चन्द्रगुप्त के बारे में कविता लिखी थी.

कालिदास
ये वही फ़ेमस नाटककार हैं जिन्हें सब जानते हैं. अक्सर इन्हें \'भारत का शेक्सपियर\' कह दिया जाता है. शायद इसलिए कि शेक्सपियर ने जो नाटक लिखे, वो अंग्रेजी साहित्य में \'क्लासिक\' माने जाते हैं और कालिदास ने जो नाटक लिखे, वो संस्कृत के \'क्लासिक\' माने जाते हैं. लेकिन कालिदास को \'भारत का शेक्सपियर\' कहना कहां तक सही है जब कालिदास शेक्सपियर से सैकड़ों साल पहले अपने नाटक लिख गए थे. और जिस तरह एक नाटककार को \'क्लासिक\' डिफाइन करने का पैमाना मान लिया जाता है, ये भी सवाल उठाने लायक है. \'मेघदूतम\', \'रघुवंशम\', \'ऋतुसंहारम\' और \'अभिज्ञानशाकुंतालम\' जैसी कालजयी चीज़ें यही भाईसाहब लिख गए थे.

कहापनाका
इनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं मिलती है. हां, इतना पता है कि ये ज्योतिष विद्या के एक्सपर्ट थे. ग्रह-नक्षत्र के दांव-पेंच, उसकी दशा-दिशा में माहिर थे ये.

संकू
संकू आर्किटेक्ट थे. ये भाईसाहब उस ज़माने के \'रेबेल\' रहे होंगे. हां, आर्किटेक्चर जैसा \'हटके\' करियर ऑप्शन चुनने के लिए बड़ा दिल चाहिए होता है.

वराहमिहिर
ये कमाल के साइंटिस्ट थे. मैथ्स, एस्ट्रोनॉमी और ज्योतिष विद्या, तीनों के एक्सपर्ट थे. तीन किताबें लिख डाली थी इन्होंने. \'पंचसिद्धान्तिका\' नाम की किताब में इन्होने मैथ्स और एस्ट्रोनॉमी के 5 बड़े सिद्धांत दिए थे. इनमें से सबसे फ़ेमस था सूर्य सिद्धांत. दूसरी किताब थी \'बृहतसंहिता\'. जिसमें साइंस से जुड़ी ढेरों रोचक जानकारियां थीं. तीसरी किताब थी \'सांख्यसिद्धांत\'. वराहमिहिर ने ग्रीक ज्योतिष विद्या पर भी लिखा था.

वारारुचि
ये संस्कृत के स्कॉलर थे. ये भी संस्कृत भाषा, और ख़ासकर व्याकरण के गज्ज़ब के जानकार थे.

वेतालभट्ट
ये जादूगर थे. हमें नहीं पता क्या-क्या गायब किया होगा इन्होंने. लेकिन रहे होंगे ये कमाल के जादूगर ही. तभी तो नवरत्न में शामिल हुए थे.

इन दोनों नवरत्नों के ग्रुप से पहले भी एक 9 जीनियस लोगों का ग्रुप बनाया गया था. इन लोगों को चुना था सम्राट अशोक ने. लेकिन इन्हें नवरत्न नहीं कहा जाता था. फिर क्या कहा जाता था? हमें क्या पता? हां, सच्ची. हमें क्या पता. क्योंकि ये एक सीक्रेट ग्रुप था.

साइंटिफिक और तकनीकी से जुड़ी नई खोज गलत लोगों के हाथों में न पड़े, ये बहुत ज़रूरी होता है. अंदाज़ा लगाया जाता है कि इसी काम के लिए इन 9 जीनियस लोगों का सीक्रेट ग्रुप बनाया गया था. इनके बारे में कोई ख़ास जानकारी नहीं मिलती है. बस ये बताया जाता है कि इन लोगों की ये सीक्रेट पहचान कोई नहीं जानता था. और इन सब के पास एक किताब थी. जिसमें शायद खुफिया साइंटिफिक जानकारियां दर्ज थीं.

अब एक बार जो \'नवरत्न\' शब्द पॉपुलर कल्चर में आया, फिर तो चल ही पड़ा. वैसे तो भारत के 9 PSU यानी पब्लिक सेक्टर यूनिट हैं, इनके ग्रुप को भी नवरत्न कहते हैं. लेकिन आज के समय में जो सबसे भारी-भरकम और असरदार इस्तेमाल है इस शब्द का, वो तो नवरत्न तेल की शीशी पर ही है.

 
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994 days
 
Sam's Son

*स्विट्जरलैंड*

नाम तो आपने सुना ही होगा 'स्विट्जरलैंड'। ऐसा देश जहाँ दुनियां का हर शादीशुदा जोड़ा अपना हनीमून मनाने के ख्वाब देखता हैं। बर्फीली वादियों से ढका ये देश सुंदरता की अद्भुत कृति है। हरियाली हो या बर्फ, आंखे जिधर भी जाये पलक झपकना भूल जाये। दुनिया का सबसे सम्पन्न देश हैं स्विट्जरलैंड! हर प्रकार से सम्पन्न इस देश की एक रोचक कहानी बताता हूँ।

आज से लगभग 50 साल पहले स्विट्जरलैंड में एक प्राइवेट बैंक की स्थापना हुई जिसका नाम था 'स्विसबैंक'। इस बैंक के नियम दुनिया की अन्य बैंको से भिन्न थे। ये स्विसबैंक अपने ग्राहकों से उसके पैसे के रखरखाव और गोपनीयता के बदले उल्टा ग्राहक से पैसे वसूलती थी। साथ ही गोपनीयता की गारंटी।
न ग्राहक से पूछना की पैसा कहां से आया ?
न कोई सवाल न बाध्यता।

सालभर में इस बैंक की ख्याति विश्वभर में फैल चुकी थी।चोर, बेईमान नेता, माफिया, तस्कर और बड़े बिजनेसमेन इन सबकी पहली पसंद बन चुकी थी स्विस बैंक। बैंक का एक ही नियम था। रिचार्ज कार्ड की तरह एक नम्बर खाता धारक को दिया जाता, साथ ही एक पासवर्ड दिया जाता बस। जिसके पास वह नम्बर होगा बैंक उसी को जानता था। न डिटेल, न आगे पीछे की पूछताछ होती।

लेकिन बैंक का एक नियम था कि अगर सात साल तक कोई ट्रांजेक्शन नही हुआ या खाते को सात साल तक नही छेड़ा गया तो बैंक खाता सीज करके रकम पर अधिकार जमा कर लेगा। सात वर्ष तक ट्रांजेक्शन न होने की सूरत में रकम बैंक की।

अब रोज दुनियाभर में न जाने कितने माफिया मारे जाते हैं। नेता पकड़े जाते हैं। कितने तस्कर पकड़े या मारे जाते है, कितनो को उम्रकैद होती है। ऐसी स्थिति में न जाने कितने ऐसे खाते थे जो बैंक में सीज हो चुके थे। सन् 2000 की नई सदी के अवसर पर बैंक ने ऐसे खातों को खोला तो उनमें मिला कालाधन पूरी दुनिया के 40% काले धन के बराबर था।

पूरी दुनियां का लगभग आधा कालाधन।
ये रकम हमारी कल्पना से बाहर हैं। शायद बैंक भी नही समझ पा रहा था कि क्या किया जाए इस रकम का।
क्या करें, क्या करे।

ये सोचते सोचते बैंक ने एक घोषणा की और पूरे स्विट्जरलैंड के नागरिकों से राय मांगी की इस रकम का क्या करे। साथ ही बैंक ने कहा कि देश के नागरिक चाहे तो ये रकम बैंक उन्हें बांट सकता हैं और प्रत्येक नागरिक को एक करोड़ की रकम मिल जाएगी। सरकार की तरफ से 15 दिन चले सर्वे में 99.2% लोगों की राय थी कि इस रकम को देश की सुंदरता बढ़ाने में और विदेशी पर्यटकों की सुख सुविधाओं और विकास में खर्च किया जाए।

सर्वे के नतीजे हम भारतीयों के लिये चौंकाने वाले है लेकिन राष्ट्रभक्त स्विटरजरलैंड की जनता के लिये ये साधारण बात थी। उन्होंने हराम के पैसों को नकार दिया। मुफ्त नही चाहिये ये स्पष्ट सर्वे हुआ।

चौंकाने वाला काम दूसरे दिन हुआ। 25 जनवरी 2000 को स्विट्जरलैंड की जनता बैनर लेकर सरकारी सर्वे चैनल के बाहर खड़ी थी। उनका कहना था जो 0.8% लोग हैं मुफ्त की खाने वाले, उनके नाम सार्वजनिक करो।
ये समाज पर और स्विट्जरलैंड पर कलंक है। काफी मशक्कत के बाद सरकार ने मुफ्त की मांग करने वालो को दंडित करने का आश्वासन दिया, तब जनता शांत हुई।

और यहां भारत मे, 15 लाख मोदी से चाहिये।🤔🤔🤔🤔

 
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B P S R

# spiders
#Facts
They are the largest order of Arachnids.
They are 7th in the world when it comes to diversity among their populations.

Antarctica is the only continent in the world where you can\'t find spiders.

Most spiders don\'t live in the bodies of water, only a few species. They are able to live in all other types of habitat.

They don\'t have antenna which is what separates them from insects.

There has only been one species identified as vegetarian the rest are all predators: Bagheera kiplingi.

Most spiders feature 4 sets of eyes. The pattern of how they are arranged though will depend on the species.

In some species, males are often much smaller than the females in size.

The number of eggs a female delivers can be up to 3,000.

Arachnophobia is the fear of Spiders. It is one of the most common fears in the world. It affects approximately 10% of men and 50% of women. The severity of the fear can vary.

The largest spider is the Giant Bird Eating Spider and the Huntsman spider is the world\'s largest spider by leg-span.

The smallest spider is the Patu digua endemic to Colombia.

The strongest material in the world is considered the silk that Spiders create. Scientists haven\'t been able to recreate this design even with all the technology we have today.

The Brazilian wandering spider or Banana spider, is the most poisonous of all Spiders.


The blood of a Spider is light blue in color.

The stickiness of a Spider web makes it hard to keep dust and particles out. This is why they are continually being rebuilt.

Spider\'s molt which is the process of shedding skin and growing new in its place.

Spiders are near sided so they aren\'t able to see items that are far away from them.

Hydraulic power is what allows the Spider to move around, they don\'t have muscles in their limbs.

Jumping Spiders are able to jump up to 50 times their own length. This is possible due to increasing the amount of blood pressure found in the back limbs.

When a Spider is moving there are always 4 legs on the surface and 4 off of it.

Spiderman is one of the most popular super heroes. This is also one of the few times that movies have portrayed the Spider positively other than in Charlottes Web.

Very few people die or become seriously ill from Spider bites. Yet there is enough media attention surrounding them when it does occur that it creates a frenzy.

Spiders are classified as invertebrates. They don\'t have a backbone.

There are believed to be at least 40,000 species of Spiders in the world.

Spiders help the environment by eliminating volumes of insects that would otherwise be around in your garden and other locations.

When a Spider is going to make a new web, they roll the old one up first into a ball. Many species will eat it. They extract juices from their body onto it so that it will be liquefied.

 
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1272 days
 
GauravJD

5 Interesting Facts

लोग सबसे ज्यादा तेज फैसले तब लेते है जब वह वीडियो गेम खेल रहे होते हैं.

चीन में आप किसी व्यकित को 100 रूपया प्रति घंटा अपनी जगह लाइन में लगने के लिए कह सकते है

Keyboard पर टॅायलेट सीट से 60 गुना ज्यादा germs होते है.

ग्रीक और बुलगागिया में एक युद्ध सिर्फ इसलिए लड़ा गया था क्योंकि एक कुत्ता उनका border पार कर गया था.

छीकते समय आँखे खुली रख पाना नामुनकिन है और छीकते समय दिल की गती एक मिली सेंकेड के लिए रुक जाती है.

 
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DDLJ143

सूफी गाने सुनते हैं? तो sufism होता क्या है ये भी जान लें

कुन फाया कुन. सुना ही होगा आपने रॉकस्टार में. रहमान के संगीत में. रहमान, जावेद अली, मोहित चौहान की आवाज में. रणबीर कपूर का पात्र फिल्म में इस मोड़ तक आते-आते वो जो कहीं नहीं है, लेकिन यहीं है उससे मिलने के करीब है. दरगाह के दृश्यों और इस अनुपम गाने को सुनते हुए हमें क्या लगता है? डिफाइन करने के लिए हम एक शब्द यूज़ करते हैं सूफी. सूफी सा लगता है.

यही नुसरत के गानों को सुनते हुए लगता है.
यही तनु वेड्स मनु के \'ऐ रंगरेज मेरे\'.. को सुनते हुए लगता है.
यही जोधा अकबर के \'ख्वाजा मेरे ख्वाजा\' को सुनते-देखते हुए.

No doubt इन रचनाओं को सुनते हुए या इस ज़ोन में मन को घुमाते हुए हमें ये अच्छा अहसास होता है. लेकिन जानकारी के लिहाज से सूफियत और sufism को लेकर हमारे भीतर कुछ धारणाएं मात्र हैं. और उन्हें हम चेक करने की कोशिश नहीं करते. बस आगे बढ़ते जाते हैं. लेकिन आज जान लेते हैं.

ये सिलसिला शुरू हुआ दिल्ली में सुल्तानों के आने के साथ. दूसरे मजहबों के लोगों का सुल्तानों से जो भी रिश्ता रहा हो, लोग सूफ़ी फक़ीरों और संतों को बहुत मानते थे. उनकी फिलॉसफी उन्हें दिल से मंजूर होती थी.

आज जो हम सूफिज़्म की छवियां देखते हैं, पहले ये बहुत अलग था. उससे ज्यादा पॉलिटिकल और ऑर्गनाइज़्ड था, जितना आज हम इसे आज़ाद और आम लोगों के बीच घूमता-फिरता सा देखते हैं.

उससे इश्क
सूफिज़्म का पहला मकसद था अल्लाह या ऊपर वाले से निजी रिश्ता बनाना. इसके लिए ही \'इश्क\' शब्द का इस्तेमाल किया जाता था. अल्लाह के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द \'सनम\' पुराने अरेबिक समय से ही चला आ रहा था. आज बॉलीवुड ने \'इश्क\' और \'सनम\' शब्दों को नई पहचान दे दी है, वो बात अलग है.

वो रास्ता
इस रास्ते को \'तरीका\' कहते थे. और उस पर चलने वाले को \'सलिक\'. इस रास्ते पर चलने के लिए एक गुरु यानी \'शेख\' की ज़रूरत होती थी. इसके लिए चिश्तिया, सुहरावर्दी जैसे \'सिलसिले\' थे. सिलसिलों को सूफ़ी परिवारों की तरह समझा जा सकता है. इन सिलसिलों के \'खानकाह\', यानी एक तरह के स्कूल या धर्मशाला होते थे. यहां शेख के शिष्य यानी \'मुरीद\' रहते थे. साथ ही किसी भी राहगीर के लिए खानकाह के दरवाज़े हमेशा खुले रहते थे.

नीला कपड़ा
तीन साल तक ख़ुद को साबित करने के बाद मुरीद को शेख की सोहबत मिलती थी. और मिलता था पैबंद वाला नीला कपड़ा, जिसे \'खिरका\' कहते थे. नीले रंग पर धूल कम दिखती थी. और नीला रंग दुनियादारी से दूर होने का भी अहसास देता है. इसीलिए नीला रंग चुना गया था.

स्टेशन
सूफिज़्म में दो चीज़ें होती हैं, \'हाल\' और \'मकामत\'. मकामत को \'स्टेशन\' भी कह सकते हैं, ये 10 खूबियां थीं जिन्हें एक-एक कर हासिल करना होता था. एक सूफ़ी मेहनत कर अल्लाह के करीब पहुंचने के एक-एक मकामत तय करता है. लेकिन उसका हाल अल्लाह की बरक़त पर निर्भर रहता है. दोनों मिलकर अल्लाह के करीब पहुंचने की सीढ़ियों जैसा काम करते हैं.

फ़क्र
मकामत में सूफ़ी संतों ने सबसे ऊंची जगह दी है \'तौबा\' और \'फ़क्र\' को. तौबा मतलब पछतावे का अहसास. रूमी ने फ़क्र को \'फ़ना\' के बराबर दर्जा दिया है. फ़क्र एक सूफ़ी की गरीबी और उसके उस गरीबी को स्वीकारने से जुड़ा है. रूमी के लिए फ़क्र सबसे बड़ा शेख था. और सारे सच्चे दिल उसी शेख के मुरीद हैं.

जिद्दी ऊंट
सूफिज़्म में एक चीज़ से बड़ा संभलकर रहना पड़ता है. वो चीज़ है \'नफ्स\', जिसका मतलब रास्ता भटक जाने की इंसानी फितरत से है. नफ्स कभी-कभी किसी औरत के रूप में देखा जाता है, जो सूफ़ी फकीरों का मन मोह कर उन्हें भटका सकती है. यानी यहां भी एक तरह से फीमेल ओब्जेक्टिफ़िकेशन ही है. जबकि कभी इसे एक जिद्दी ऊंट के रूप में देखा जाता है. रूमी को नफ्स से दो चार होना वैसा ही लगता था जैसा मजनू का ऊंट को खींचकर सही रास्ते से अपनी प्रेमिका के पास ले जाने की कोशिश करना.

नच हैदरी मलंगा
वैसे लोगों के मन को कहीं भी बांध के रखना किसी भी शरिया या वेद के बस की बात नहीं होती. यहां भी कुछ लोग थे जो शरिया की ज़्यादा फ़िक्र नहीं करते थे. ऐसे लोगों को कभी कलंदर, कभी मलंग तो कभी हैदरी बोला जाता था. सूफिज़्म पहले से ही लोगों के बीच घूम रहा था. लेकिन अब लोगों के पास इसे अपने तरीके से समझने और मानने की आज़ादी पहले से भी ज़्यादा थी.

गीत-संगीत
सूफिज़्म में \'समा\' यानी संगीत भरी महफिलें होती थीं, उसमें व्यक्ति आध्यात्मिक संगीत में खो जाते थे. कव्वाली भी इसी से जुड़ी है. टोपी लगाकर गोल-गोल घूमने का नृत्य भी. इसके इवोल्यूशन की कहानी जारी है.

 
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Sam's Son

If you toss onion in the freezer 15 minutes before you cut them, you won't tear up.

 
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indyan

WWE Money in the Bank winners :- { Started in 2005 } 1) 2005 - EDGE. 2) 2006 - RVD ( Rob Van Dam ) 3) 2007 - Mr.Kennedy 4) 2008 - CM PUNK. 5) 2009 - CM PUNK 6) 2010 - JACK SWAGGER ( world heavyweight championship ) THE MIZ ( WWE Championship ) 7) 2011 - ALBERTO DEL RIO ( WC) ,DANIEL BRYAN (WHC) 8) 2012 - JOHN CENA (WC) , DOLPH ZIGGLER (WHC ) 9) 2013 - RANDY ORTON (WC) , DAMIAN SANDOW ( WHC) 10) 2014 - SETH ROLLINS. 11) 2015 - SHEAMUS. 12) 2016 - to be held.....

 
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PHENOMENAL

AMAZING INFO. ABOUT HORSE 🐎🦄

1. इंग्लिश में नर घोड़े को \'Stallion\' और मादा घोड़ी को \'Mare\' कहते है. युवा घोड़े को \'Colt\' और युवा घोड़ी को \'Filly\' कहते है. छोटे घोड़े को \'Ponies\' कहते है।

2. घोड़ो की लगभग 300 से ज्यादा नस्लें है. अरबी नस्ल को घोड़ों की सबसे पुरानी जीवित नस्ल माना जाता है, लगभग 4500 साल पुरानी. दूसरो घोड़ो की बजाय अरबी घोड़ो की पसली में एक हड्डी कम होती है।

3. कई फुटेज में घोड़ो को मुस्कुराते हुए देखा गया है. दरअसल, ऐसा करने से घोड़ों की सूँघने की शक्ति बढ़ जाती है. घोड़े भी इंसानो की तरह अपना मूड बताने के लिए तरह-तरह के चेहरे बनाते है।

4. हमारे नाखूनों की तरह घोड़ो के खुर भी सेंसिटिव होते है. जब घोड़ा दौड़ता है तो उसके चारों खुर एक साथ जमीन से उठते है।

5. यदि घोड़े के कान का पिछला हिस्सा ठंडा लग रहा है तो समझ लेना घोड़े को ठंड लग रही है।

6. घोड़ो पर लिखी हुई पहली पुस्तक \'शालिहोत्र\' है ये पुस्तक शालिहोत्र ऋषि के हाथों महाभारत काल से भी पहले लिखी गई थी।

7. घोड़ो के लिए उल्टी करना असंभव है. ये इंसानो की तरह डकार भी नही मार सकते. इसलिए घोड़ों की मौत का सबसे बड़ा कारण पेट का दर्द है।

8. घोड़े खड़े-खड़े सो सकते है क्योकिं उनके अगले और पिछले पैर की बनावट इस तरह से होती है कि वो आराम करते हुए भी नही गिरेगे. दूसरी बात, सोते तो ये लेट कर भी है लेकिन लेट कर सोने से उनके पेट के अंगो पर दबाव पड़ता है जो उनके लिए हानिकारक है।

9. घोड़े के दाँत बहुत बड़े होते है. दाँत उसके दिमाग के मुकाबले ज्यादा जगह घेरते है. घोड़े की उम्र और उसके कंकाल की पहचान(घोड़ा है या घोड़ी) उसके दाँतो को गिनकर ही पता लगती है। घोड़े के दिमाग का वजन लगभग 623 ग्राम होता है जो इंसानो के दिमाग का लगभग आधा है।

10. घोड़े की आँखे सिर पर इस तरह से होती है कि वो 360° तक देख सकता है. इनकी आँखो का ऊपरी हिस्सा नजदीक की वस्तुएँ और निचला हिस्सा दूर की वस्तुएँ देखता है. लेकिन एक बात ये भी तो है कि घोड़े इंसानों की तरह फोकस नही कर सकते।

11. घोड़े पैदा होने के कुछ ही घंटे बाद ठीक से चलने लग जाते है।

12. वैसे तो घोड़ों की स्पीड 40 से 48km/h होती है. लेकिन सबसे तेज घोड़े की स्पीड 70.76km/h मापी गई है. अमेरिकन क्वार्टर नस्ल का घोड़ा सबसे तेज दौड़ता है।

13. जब नर घोड़ा और मादा जेब्रा सेक्स करते है तो \'जेब्रोइड्स\' पैदा होते है. आप नीचे तस्वीर देख सकते है।

14. ओलंपिक में भाग लेने वाले घोड़े बिजनेस क्लास में सफर करते है. इनके पास खुद के पासपोर्ट है।

15. आज की ब्रटिश सेना के पास टैंको की बजाय घोड़े अधिक संख्या में है।

16. लंदन में आज भी यातायात उसी गति से चलता है जैसे 100 साल पहले घोड़ा गाड़ी के समय में चलता था।

17. WW1 यानि प्रथम विश्वयुद्ध में 8 करोड़ घोड़े मारे गए थे. जो बच गए उन्हें किसी और कार्य के लिए अनफिट घोषित करके बेल्जियम में कसाईघर में भेज दिया गया था।

18. एक घोड़ा ज्यादा से ज्यादा 14.9 हार्स पाॅवर ऊर्जा का उत्पादन कर सकता है।

19. घोड़े के कान में 16 माँसपेशियाँ होती है जो उन्हें 180° तक घूमने में मदद करती है। घोड़े बहुत कम से बहुत ज्यादा आवाज तक सुन सकते है, 14 Hz से लेकर 25 KHz. (आदमी 20 Hz से लेकर 20KHz तक सुन सकते है).

20. पिछली कई सदियों में यूरोप में सूअर, घोड़ो और कीड़ों को भी अपराधों की सजा मिल चुकी है।

21. घोड़े केवल नाक से साँस लेते है मुँह से नही. इसलिए रेस की प्रैक्टिस करते समय हमें अक्सर कहा जाता है कि घोड़े की तरह मुहँ बंद करके साँस लो।

22. फुट और इंच में मापने की बजाय घोड़े की लंबाई को हाथो में मापा जाता है. एक हाथ 4 इंच के बराबर होता है. सबसे ऊँचा घोड़ा \'सैम्पसन\' जिसकी लंबाई 21.2 हाथ के बराबर थी. सबसे छोटा घोड़ा \'आइंस्टीन\' जो केवल 3.5 हाथ के बराबर था।

23. अगर ऊँचे जम्प के रिकाॅर्ड पर नजर डाली जाए तो 5th feb, 1948 को चिली देश में \'हाऊसो\' नाम का घोड़ा 8 फुट 1.25 इंच ऊपर कूदा था. इसके घुड़सवार का नाम था \'Captain Alberto Larraguibel\'.

24. घोड़े की उम्र यही कोई 25 साल होती है. लेकिन अगर रिकाॅर्ड की बात की जाए तो 1822 में \'ओल्ड बिली\' नाम का घरेलू घोड़ा 62 साल का होकर मरा था।

25. कहानी 1923 की है घोड़ों की रेस चल रही थी घुड़सवार को अचानक दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई लेकिन घोड़ा नही रूका और रेस जीत गया. इसी के साथ \'फ्रैंक हेयास\' दुनिया का अकेला ऐसा घुड़सवार बन गया जिसने मरने के बाद रेस जीती।

 
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B P S R

DID YOU KNOW?

Our belly button (NABHI ) is an amazing gift given to us by our creator. A 62 year old man had poor vision in his left eye. He could hardly see especially at night and was told by eye specialists that his eyes were in a good condition but the only problem was that the veins supplying blood to his eyes were dried up and he would never be able to see again.

According to Science, the first part created after conception takes place is the belly button. After it\'s created, it joins to the mother\'s placenta through the umbilical chord.

Our belly button is surely an amazing thing! According to science, after a person has passed away, the belly button is still warm for 3 hours the reason being that when a woman conceives a child, her belly button supplies nourishment to the child through the child\'s belly button. And a fully grown child is formed in 270 days = 9 months.

This is the reason all our veins are connected to our belly button which makes it the focal point of our body. Belly button is life itself!

The "PECHOTI" is situated behind the belly button which has 72,000 plus veins over it. The total amount of blood vessels we have in our body are equal to twice the circumference of the earth.

Applying oil to belly button CURES dryness of eyes, poor eyesight, pancreas over or under working, cracked heels and lips, keeps face glowing, shiny hair, knee pain, shivering, lethargy, joint pains, dry skin.

*REMEDY For dryness of eyes, poor eyesight, fungus in nails, glowing skin, shiny hair*

At night before bed time, put 3 drops of pure ghee or coconut oil in your belly button and spread it 1 and half inches around your belly button.

*For knee pain*

At night before bed time, put 3 drops of castor oil in your belly button and spread it 1 and half inches around your belly button.

*For shivering and lethargy, relief from joint pain, dry skin*

At night before bed time, put 3 drops of mustard oil in your belly button and spread it 1 and half inches around your belly button.

*WHY PUT OIL IN YOUR BELLY BUTTON?*

You belly button can detect which veins have dried up and pass this oil to it hence open them up.

When a baby has a stomach ache, we normally mix asafoetida (hing) and water or oil and apply around the naval. Within minutes the ache is cured. Oil works the same way.

Try it. There's no harm in trying.

You can keep a small dropper bottle with the required oil next to your bed and drop few drops onto navel and massage it before going to sleep. This will make it convenient to pour and avoid accidental spillage.

I am forwarding this valuable and very useful information received from a very good friend.Its really amazing.A million thanks to the friend.Happy to share it with friends.
Regards

 
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anil Manawat

किस नाराज़गी की वजह से 20 साल तक मुग़ल-ए-आज़म नहीं देखी थी दिलीप कुमार ने?

1- ट्रैजिडी किंग यानी दिलीप कुमार. यूं तो उनकी मशहूर फिल्मों की लंबी लिस्ट है, लेकिन जिस फिल्म को \'हासिल-ए-महफिल\' कहा जा सकता है वो है \'मुगल-ए-आज़म.\' फिल्म को बनने में दो दशक का वक्त लग गया. बंटवारे के समय कास्ट का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान चला गया. फिल्म ख़त्म होते-होते हिरोइन मधुबाला की सेहत बुरी तरह खराब हो गई. दिलीप साहब और मधुबाला की मोहब्बत रियल लाइफ में परवान न चढ़ जाए इसके तमाम प्रयास मधुबाला के अब्बाजान ने किए. तमाम मुश्किलों के बाद जब 1960 में फिल्म रिलीज़ होने वाली थी, तब फिल्म के डायरेक्टर के. आसिफ और उनकी बेगम के बीच में झगड़ा हो गया. अख्तर आसिफ साहिबा, दिलीप साहब को भाई मानती थीं. दिलीप साहब अपनी बहन का पक्ष लेकर आसिफ के पास चले गए. उन्हें समझाने में गहमागहमी ज़्यादा बढ़ गई. आसिफ ने दिलीप कुमार से कहा,

"अपना सुपरस्टार वाला रुतबा मेरे घर के मामलों में दिखाने की कोशिश मत करो"

एक भाई की हैसियत से बात कर रहे दिलीप कुमार को ये बात इतनी बुरी लगी कि वो प्रीमियर के समय मुगल-ए-आज़म देखने नहीं गए. इसके बाद भी तल्खियां कम नहीं हुईं और दिलीप साहब अपनी ही फिल्म न देखने की बात पर रुके रहे. मुगल-ए-आज़म के हीरो ने पहली बार अपनी ही फिल्म 1979 में देखी.

2- सोहराब मोदी के साथ कई फिल्मों में हिरोइन रह चुकीं नसीम बानो की बेटी सायरा बानो लंदन से पढ़कर हिंदुस्तान आईं और फिल्म \'जंगली\' के साथ हिट हिरोइनों की कतार में शामिल हो गईं. सायरा की जोड़ी तब जुबली कुमार कहे जाने वाले राजेंद्र कुमार के साथ चल निकली. जब सायरा और राजेंद्र के अफेयर के किस्से गॉसिप मैग्ज़ीन्स में छपने लगे तो नसीम बानो को फ़िक्र हुई. क्योंकि राजेंद्र कुमार न सिर्फ सायरा बानो से उम्र में काफी बड़े थे, बल्कि पहले से शादीशुदा थे. नसीम ने अपने दोस्त दिलीप कुमार से कहा कि वो सायरा को समझाएं. 44 साल के दिलीप ने 22 की सायरा से कहा.

"तुम जवान हो, खूबसूरत हो, कामयाब हो, तुम्हारे लिए तो कोई भी हां कह देगा."

सायरा ने पलट कर कहा "तो क्या आप कह देंगे?"
दिलीप कुमार खामोश हो गए और घर चले गए.

इसके बाद दोनों के बीच बातचीत का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो निकाह के रास्ते ज़िंदगी भर के लिये कायम हो गया.

 
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Sam's Son
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