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*जिम्मेदार आप स्वयं है*

*1) आपका सरदर्द, फालतू विचार का परिणाम*

*2) पेट दर्द, गलत खाने का परिणाम*

*3) आपका कर्ज, जरूरत से ज्यादा खर्चे का परिणाम*

*4) आपका दुर्बल /मोटा /बीमार शरीर, गलत जीवन शैली का परिणाम*

*5) आपके कोर्ट केस, आप के अहंकार का परिणाम*

*6) आपके फालतू विवाद, ज्यादा व् व्यर्थ बोलने का परिणाम*

*उपरोक्त कारणों के अलावा सैकड़ों कारण है और बेवजह दोषारोपण दूसरों पर करते रहते
*इसमें ईश्वर दोषी नहीं है*

*अगर हम इन कष्टों के कारणों पर बारिकी से विचार करें तो पाएंगे की कहीं न कहीं हमारी मूर्खताएं ही इनके पीछे है*

 
157
 
15 days
 
mannu22801

*आपकी उपस्थिति से..*
*कोई व्यक्ति..*
*स्वयं के दुःख भूल जाए..*
*यही आपकी..*
*उपस्थिति की सार्थकता है* !!
*

 
143
 
8 days
 
Sunil

*यदि अवसर का लाभ न उठाया जाए तो...*

*योग्यता का कोई मूल्य नहीं होता है...*
*🙏🏼...जय श्री कृष्णा🙏*

 
116
 
21 days
 
Sunil

The way you treat yourself set the standards for others on how you demand to be treated. Don\'t settle anything other than respect.

 
96
 
19 days
 
Surajsharma

*नकारात्मक लोगों की संगति से बचिये,*
*सकारात्मक बनिये और लोगों को भी*
*अपने सकारात्मक विचारों से अभिभूत कीजिये !!*
*आपका दिन मंगलमय हो*

 
79
 
22 days
 
Sunil

The more hard it gets the more fruitful the result is going to be :)

 
51
 
11 days
 
ankur2308
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