Hurt/Sad (2 in 1 week | sorting by most liked)

मज़बूरी में सुनने 🗣️पड़ते हैं साहब लोगो के ताने अक़्सर,
कोई भी शख़्स इस जहां में शौक से🤧 रुसवा नहीं होता...

 
100
 
6 days
 
Ak47

*तब ग़म कितने कम थे...*

*जब*

*घर में कमरे कम थे ...*

 
23
 
a day
 
Mits9022
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