No Fit (45)

*ख़ुशी मनाने के लिए किसी मुहूर्त की जरुरत नही होती...*
*क्योंकि जो ख़ुशी का पल होता है वह खुद में ही ,*
*मुहूर्त होता है...*😊😊💕

 
48
 
15 days
 
aaakash

*माँ , तेरा ये शब्द अनमोल है*





तेरे नाम पर लगे चंद्र बिंदु का मतलब मैं समझ गया *माँ*








तेरी चंद्र 🌙 सी गोदी में

बिंदु ● सा लेटा हूँ मैं

🙏 🙏 🙏 🙏

 
31
 
18 days
 
25th NOVEMBER

नहलाकर बाल बनाने के बाद माँ माथे पर काजल से एक जो काला टीका बना दिया करती थी,
Z+ सिक्योरिटी भी क्या मुकाबला करेगी उसका.

 
80
 
39 days
 
V!shu

जो स्वस्थ हैं, वो अपने आप में व्यस्त हैं.,
बाकी लोग जिंदगी से त्रस्त हैं.!

 
53
 
46 days
 
Jasmine

वक्त ने फंसाया है लेकिन परेशान मै हीँ हूँ

हालातों से हार जाऊँ मै वो इंसान नहीँ हूँ ✌✌

 
84
 
51 days
 
aaakash

*ऐ तकदीर,*
*ला तेरे हाथों की उँगलियाँ दबा दूँ मैं,*
*थक गई होगी मुझे नचाते नचाते...*

 
96
 
55 days
 
Jasmine

जिम्मेदारी और प्रमोशन ...

हमारे घर के हाॅल में दो पंखे लगे हैं , जिनमें एक ही अक्सर चलता है और वही धूल लगकर गंदा हो जाता है।
जबकि जो नही चलता वह साफ रहता है |

बाहर से आने वाले उसी साफ दिखने वाले पंखे की तारीफ करते हैं जो नही चलता और कहते हैं कि उसी की तरह इस पंखे को साफ रखा करो !

क्या *जवाब* दूं ? उन्हें कैसे समझाऊं कि जो *जिम्मेदारी* लेता है वही गंदा होता हैं |

"मशहूर हुए वो जो कभी क़ाबिल ना थे और तो और....
कमबख़्त मंजिल भी उन्हें मिली जो दौड़ में कभी शामिल ना थे

 
156
 
65 days
 
Jasmine

बेटी और बेटी (बुआ)
°°°°°°°°°°°°°°°°°°
कल फोन आया था, वो एक बजे ट्रेन से आ रही है..!
किसी को स्टेशन भेजने की बात चल ऱही थी।

आज रिया ससुराल से.. दूसरी बार दामाद जी के साथ.. आ रही हैं, घर के माहौल में एक उत्साह सा महसूस हो रहा है।

इसी बीच .....एक तेज आवाज आती हैं ~ @इतना सब देने की क्या जरूरत है ? बेकार फिजूलखर्ची क्यों करना ? और हाँ आ भी रही है तो कहो कि टैक्सी करके आ जाये स्टेशन से।"
(बहन के आने की बात सुनकर अश्विन भुनभुनाया )

माँ तो एक दम से सकते में आ गई कि आखिर यह हो क्या रहा हैं ?

माँ बोली- @जब घर में दो-दो गाड़ियाँ हैं तो टैक्सी करके क्यों आएगी मेरी बेटी ? और दामाद जी का कोई मान सम्मान है कि नहीं ?

पिता जी ने कहा कि "ससुराल में उसे कुछ सुनना न पड़े। मैं खुद चला जाऊंगा उसे लेने, तुम्हें तकलीफ है तो तुम रहने दो।"
पिता गुस्से से.. एक सांस में यह सब बोल गए !!

"और ये इतना सारा सामान का खर्चा क्यों? शादी में दे दिया न। अब और पैसा फूँकने से क्या मतलब।"
अश्विन ने बहन बहनोई के लिए आये कीमती उपहारों की ओर देखकर ताना कसा ....

पिता जी बोले "बकवास बंद कर, तुमसे तो नहीं माँग रहे हैं। मेरा पैसा है, मैं अपनी बेटी को चाहे जो दूँ। तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या जो ऐसी बातें कर रहे हो।" पिता फिर से गुस्से में बोले।

अश्विन दबी आवाज में फिर बोला - "चाहे जब चली आती है मुँह उठाये।"

पिता अब अपने गुस्से पर काबू नही कर पाये और चिल्ला कर बोले- "क्यों न आएगी ? हाँ इस घर की बेटी है वो।

तभी.. माँ भी बीच में टोकते हुए वोलीं - "मेरी बेटी हैं वो, ये उसका भी घर है। जब चाहे जितने दिन के लिए चाहे वह रह सकती हैं। बराबरी का हक है उसका।
आखिर तुम्हे हो क्या गया है ? जो ऐसा अनाप-शनाप बके जा रहे हो।"

अब बारी अश्विन की थी ,"मुझे कुछ नही हुआ है.. माँ !! आज मैं बस वही बोल रहा हूँ, जो आप हमेशा बुआ के लिए बोलते थे।
आज अपनी बेटी के लिए आज आपको बड़ा दर्द हो रहा है लेकिन कभी दादाजी के दर्द के बारे में सोचा है?

कभी बुआ की ससुराल और फूफाजी के मान-सम्मान की बात नहीं सोची ?

माँ और पिता जी एक दम से सन्नाटे में चले गए। अश्विन लगातार बोल जा रहा है।

"दादाजी ने कभी आपसे एक धेला नहीं मांगा। वो खुद आपसे ज्यादा सक्षम थे। फिर भी आपको बुआ का आना, दादाजी का उन्हें कुछ देना नहीं सुहाया। क्यों ?
और हाँ बात अगर बराबरी और हक की ही है, तो आपकी बेटी से भी पहले बुआ का हक है इस घर पर।"
अश्विन की आवाज आंसूओ की भर्रा सी गई थी अफसोस भरे स्वर में बोला।

माँ-पिता की गर्दन शर्म से नीची हो गयी पर अश्विन नही रूका। "आपके खुदगर्ज स्वभाव के कारण
बुआ ने यहाँ आना ही छोड़ दिया।दादाजी इसी गम में घुलकर मर गए। और हाँ में खुद जा रहा हूँ स्टेशन
रिया को लेने पर मुझे आज भी खुशी है कि मैं कम से कम आपके जैसा खुदगर्ज भाई तो नहीं हूँ।"

कहते हुए अश्विन कार की चाबी उठाकर स्टेशन जाने के लिए निकल भी गया था। पिता आसूँ पौंछते हुए अपनी बहन सरिता को फोन लगाने लगे।
दीवार पर लगी दादाजी की तस्वीर मानो मुस्कुराकर अश्विन को आशीर्वाद दे रही थी।

मित्रो, यह आज की पीढ़ी की सकारात्मक सोच है जो विचारणीय है,सराहनीय है,यदि हम भी ऐसी ही सोच रखेंगे तो घर की हर बेटी का सम्मान होगा और रिश्तों के बंधन और भी मजबूत बनेंगे।रक्षाबंधन के पावन पर्व पर यह मनन करने लायक है।

 
78
 
77 days
 
Jasmine

*WHO ARE* *GRANDPARENTS?*
🎅🤶

✍written by
a class of 7-year-olds
👦👧
You'll love it...

😘Grandparents are
a lady and a man
who have no little children of their own.

😘They like other people's children.

😘A grandfather is a man, and a grandmother is a lady!

😘Grandparents don't have to do anything except be there when we come to see them.

😘They are so old they shouldn't play hard or run.

😘It is good if they drive us to the shops and give us money.

😘When they take us for walks, they slow down past things like pretty leaves and caterpillars.

😘They show us and talk to us about the colors of the flowers and also why we shouldn't step on 'cracks.'

😘They don't say, 'Hurry up.'

😘Usually they are fat but not too fat to tie your shoes.

😘They wear glasses and funny underwear.

😘They can take their teeth and gums out.

😘Grandparents don't have to be smart.

😘They have to answer questions like 'Why isn't God married?' and 'How come dogs chase cats?'

😘When they read to us, they don't skip.

😘They don't mind if we ask for the same story over again.

😘Everybody should try to have a grandmother, especially if you don't have television because they are the only grownups who like to spend time with us...

😘They know we should have snack time before bed time.

😘They say prayers with us and kiss us even when we've acted bad.

😘Grandpa is the smartest man on earth!

😘He teaches me good things, but I don't get to see him enough to get as smart as he is.


Send this to
📲other grandparents,
📲almost grandparents,
or send it to
📲everyone.

👍It will make their day.

 
32
 
82 days
 
Jasmine

अगर चूहा पत्थर का हो तो सब उसे पूजते हैं, मगर जिन्दा हो तो मारे बिना साँस नहीं लेते...|
सांप अगर पत्थर का हो, तो सब पूजते हैं मगर जिन्दा हो तो उसे पकड़वा कर जंगल में छोड़ने की बजाय मार देते है...।
औरत अगर पत्थर की हो तो देवी समझ कर सब पूजते हैं, माँ कहते है मगर जिन्दा है तो मारते हैं नोचते हैं, रेप करते हैं.!
बस यही समझ में नहीं आता कि जिंदगी से इतनी नफरत क्यों.....
और पत्थरों से इतनी मोहब्बत क्यों..?

 
194
 
85 days
 
Jasmine
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