No Fit (102 | sorting by most liked)

एक ठेले पर सब्ज़ी बेचने वाला इतना अमीर होता है कि थोड़ा धनिया मिर्ची मुफ्त दे देता है...और मॉल मे एक बडे शोरूम का मालिक इतना गरीब कि केरी बैग के भी पैसे ले लेता है...👍👍👍👍

 
1118
 
636 days
 
@HeartBreaker

किसी ने मुझसे पूछा आजकल क्या काम कर रहे हो मैंने जवाब दिया दुनिया का सबसे मुश्किल काम करने लगा हूँ मैं,
बस अपने काम से काम रखने लगा हूँ मैं !

 
1102
 
623 days
 
J_sT@R.

​*गाँव को गाँव् ही रहने दो क्यों शहर बनाने में तुले हुवे हो,*

*गांव में रहोगे तो पिता के नाम से जाने जाओगे*

*शहर में रहोगे तो मकान नंबर से पहचाने जाओगे.🙏

 
1088
 
649 days
 
anil Manawat

बात का अर्थ समझिये-

कुछ नादान बच्चे सब्जी बेच रहे थे !
मैने पूछा "पालक" है क्या ?
बच्चो का जवाब सुनकर मन भर आया
बोले
" *पालक* होते तो
सब्जी क्यों बेचते......." 😞

 
1079
 
651 days
 
LKB

भगवान् तू भी गज़ब का
कमाल करता है।
आँखे ब्लैक & व्हाइट देता है
और
ख़्वाब रंगीन दिखाता है ।

 
907
 
594 days
 
Jasmine

✍ _नाराज न होना कभी,_
_यह सोचकर कि._
_काम मेरा_
_और_
_नाम किसी का_
_हो रहा है.._?

_*घी और रुई सदियों से,*_
_*जलते चले आ रहे हैं.,*_
_*और*_
_*लोग कहते हैं.,*_
_*दिया जल रहा है।*_

प्रणाम आप सभी पुजनीयो को 🌹🌹🌹🌹.........

जय श्री राम
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

 
777
 
605 days
 
ASHUPUMI

Positive attitude
🙏बहुत शानदार,जानदार सीख🙏
एक घर के पास काफी दिन एक बड़ी इमारत का काम चल रहा था।
वहा रोज मजदुरोंके छोटे बच्चे एकदुसरोंकी शर्ट पकडकर रेल-रेल का खेल खेलते थे।

रोज कोई इंजिन बनता और बाकी बच्चे डिब्बे बनते थे...

इंजिन और डिब्बे वाले बच्चे रोज बदल जाते,
पर...
केवल चङ्ङी पहना एक छोटा बच्चा हाथ में रखा कपड़ा घुमाते हुए गार्ड बनता था।

उनको रोज़ देखने वाले एक व्यक्ति ने कौतुहल से गार्ड बननेवाले बच्चे को बुलाकर पुछा,

"बच्चे, तुम रोज़ गार्ड बनते हो। तुम्हें कभी इंजिन, कभी डिब्बा बनने की इच्छा नहीं होती?"

इस पर वो बच्चा बोला...

"बाबूजी, मेरे पास पहनने के लिए कोई शर्ट नहीं है। तो मेरे पिछले वाले बच्चे मुझे कैसे पकड़ेंगे? और मेरे पिछे कौन खड़ा रहेगा?

इसिलए मैं रोज गार्ड बनकर ही खेल में हिस्सा लेता हुँ।

"ये बोलते समय मुझे उसके आँखों में पानी दिखाई दिया।

आज वो बच्चा मुझे जीवन का एक बड़ा पाठ पढ़ा गया...

*अपना जीवन कभी भी परिपूर्ण नहीं होता। उस में कोई न कोई कमी जरुर रहेगी।*

वो बच्चा माँ-बाप से ग़ुस्सा होकर रोते हुए बैठ सकता था। वैसे न करते हुए उसने परिस्थितियों का समाधान ढूंढा।

हम कितना रोते है?
कभी अपने साँवले रंग के लिए, कभी छोटे क़द के लिए, कभी पड़ौसी की कार, कभी पड़ोसन के गले का हार, कभी अपने कम मार्क्स, कभी अंग्रेज़ी, कभी पर्सनालिटी, कभी नौकरी मार तो कभी धंदे में मार...

हमें इससे बाहर आना पड़ता है।

*ये जीवन है... इसे ऐसे ही जीना पड़ता है।*

lets be positive

 
771
 
580 days
 
Jasmine

*नकली धनवानों का परिचय देता है खोखा और पेटी,*
*असली धनवान तो वही कहलाऐ जिनके घर मुस्कुराएं बहू और बेटी।*🙏

 
728
 
644 days
 
anil Manawat

🌿 *जिंदगी हमेशा एक नया*
*मौका देती है...*
*सरल शब्दों में उसे 'आज'*
*कहते हैं !!*🌿

⛅☀Ğ๑๑Đ M๑ЯทไทĞ ☀⛅
Have a nice day

 
680
 
577 days
 
ASHUPUMI

*🌱 मैं बनाऊँ चित्र तुम्हारा*
*तुम चरित्र मेरा बनादो श्याम*

*🌱 मै रोज तुम्हे सजाऊँ*
*तुम जीवन मेरा सजादो साँवरे श्याम*


*🌹जय श्री कृष्णा 🌹*

 
429
 
577 days
 
ASHUPUMI
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