Shayari (18690)

जिंदगी का खेल जारी है..
कल मेरी थी, आज तुम्हारी बारी है.!

 
101
 
a day
 
Jasmine

ना जाने ऐसा क्यूँ होता जा रहा हु मैं.......
बददिमाग़ से अब पागल होता जा रहा हु मैं .....
ना जाने क्या होगा अंजामे आशिक़ अब .....
एक इंसान से शैतान हुआ जा रहा हु मैं ........

 
71
 
2 days
 
Abhilekh.......

बहुत शीरीं हैं लब उस परिज़ात के,
अब मुझे शहद भी तल्ख़ लगता है,

 
53
 
5 days
 
@nkit

Wo khete ki hame rulainge
Wo khete ki hame rulainge
Wo na samaj hai ki unku phata he nai heki hum thu roz rote hai unke yaad mAi but
Jabich ek new friend ate hai life mAi woo aasu pochte hai aur bolte hai woo nai hai thu kya hua hum hai na apke life Main.

 
26
 
5 days
 
fzshaik

कली खुद कहती है कि हमें फूल बना दो
मसल दो ऐसा कि हमें सड़क की धूल बना दो
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52
 
6 days
 
Gangster lover

*मुझे महँगे तोहफ़े बहुत पसंद है...*




*अगली बार यूं करना ज़रा सा वक़्त ले आना...!!*

 
258
 
7 days
 
aaakash

वह कहते हैं की जुबान नहीं होती इश्क की,
जो तुम्हारी खामोशी समझे उसे प्यार कहिए

 
148
 
7 days
 
Vidhayak_Apurv

*किसे खोज रहे तुम इस गुमनाम सी रुह में,*
*वो लफ़्जो में जीने वाला अब खामोशी में रहता है..!!*

 
195
 
7 days
 
aaakash

बताओ न की हम लगते थे कैसे

तुम्हे तो याद होगा हँसना हमारा ।

 
136
 
7 days
 
aaakash

हम इश्क के परिंदे हैं जनाब
हर जगह महसूस होती है


लोगों को हमारी कमी शहर में

 
83
 
7 days
 
Ishqzaade
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