Shayari (19051)

लगता है अब लिखने का सलीका भी भूल रहा हु मैं,

न जाने और क्या क्या भूलना है इस ज़िन्दगी में अब "

 
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18 hours
 
P@TeL $@M

सच झूठ का हिसाब होने से पहले,
मैं अच्छी थी खराब होने से पहले...!!

 
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a day
 
Jasmine

Zindagi ki kashmaksh mein itna kho Gaya hu...
Ki apno ke liye bhi gairo sa ho Gaya hu...

 
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a day
 
Tusshar

Tanha Hu Is Dard Mohabbat Mein;
Meri Tarah Behaal Tum Bhi Ho;
Hum Hai Kisi Ujhde Hue Shahar Ki Misaal;
Aankhen Bata Rahi Hai Ki Viraan Tum Bhi Ho!

 
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a day
 
Surajsharma

कांच का जिस्म कहीं टूट न जाये..
हुस्न वाले तेरी अंगड़ाइयो से डर लगता है...

 
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a day
 
Parveen Unlucky

*मेरे ठोकरें खाने से भी*
*कुछ लोगों को जलन है,*

*कहतें हैं यह शख्स,*
*तजुर्बे में आगे निकल गया...*

 
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2 days
 
Adeshb

*इल्मो अदब के सारे खज़ाने गुज़र गए,*
*क्या खूब थे वो लोग पुराने गुज़र गए।*

*बाकी है जमीं पे फ़कत आदमी की भीड़,*
*इन्सां को मरे हुए तो ज़माने गुज़र गए।*

 
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2 days
 
MUMBHAI !!!

तुमको गले लगा लू मैं,इतनी सी ईजाजत दे दो मुझे..!!
:
तुम्हें अपने दिल की धङकने,सुनाने की हसरत हैं मेरी..!!

 
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4 days
 
Parveen Unlucky

!! इतना प्यारा है - वो चेहरा के नज़र पड़ते ही !!
!! लोग हाथों की लकीरों की तरफ देखते हैं !!

 
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4 days
 
Parveen Unlucky

पसीना उम्र भर का.. उसकी गोद में सुख जायेगा...!!

हमसफ़र क्या है.. ये तो बुढ़ापे में समझ आयेगा...!!

 
134
 
4 days
 
Parveen Unlucky
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