Shayari (59 in 1 month | sorting by most liked)

बदल दिये हैं हमने अब नाराज होने के तरीके,

रूठने की बजाय बस, हल्के से मुस्कुरा देते है!!
😊😊

 
294
 
9 days
 
V!shu

*गज़ब की धूप है, मेरे शहर में;*

*फिर भी कुछ लोग धूप से नही,*
*मुझसे जलते है!*

 
271
 
19 days
 
aaakash

यूँ न झाँको इस कदर मेरी रूह के अन्दर....

कुछ ख्वाहिशें मेरी वहाँ बे-लिबास रहती हैं।

 
254
 
17 days
 
Jasmine

*मेरे ठोकरें खाने से भी*
*कुछ लोगों को जलन है,*

*कहतें हैं यह शख्स,*
*तजुर्बे में आगे निकल गया...*

 
243
 
29 days
 
Adeshb

*सांसे खर्च हो रही है*
*बीती उम्र का हिसाब नहीं.....*🌹

*फिर भी जीए जा रहे हैं तुझे*
*जिंदगी तेरा जवाब नहीं....*

 
229
 
13 days
 
DDLJ143

मुझे फुरसत ही कहाँ मौसम सुहाना देखूँ...
मैं तेरी याद से निकलू तो जमाना देखूँ.....❗❗❗

 
221
 
21 days
 
Parveen Unlucky

*एक तिल का पहरा भी जरूरी है लबो के आसपास*

*मुझे डर है कहीं तेरी मुस्कुराहट को कोई नज़र न लगा दे*

 
212
 
26 days
 
DDLJ143

जो शख्स नजर से उतर गया...
फिर क्या फर्क पड़ता है कि वो किधर गया...

 
209
 
24 days
 
Parveen Unlucky

ख्वाब झूठे ही सही,

मगर मुलाकात तो करवाते हैं तुमसे..!!

 
201
 
7 days
 
Parveen Unlucky

कुछ इस तरह से मिलें ...
हम कि बात रह जाए..!!
बिछड़ भी जाएँ तो ....
हाथों में हाथ रह जाए...

 
198
 
20 days
 
Parveen Unlucky
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