Shayari (4 in 1 week | sorting by most liked)

कसक बनके बसे हो दिल मे....
साँस बनके बसते तो क्या बात होती....

 
74
 
5 days
 
uk_express

हम उन को सोच में गुम देख कर वापस चले आए
वो अपने ध्यान में बैठे हुए अच्छे लगे हम को

guroor kalam pe apni
mujhe bas itna sa hai
k muqaabla khuda se ho
to bhi umeed mujhe poori hogi

 
19
 
6 days
 
Mirza Galib

सोच तो लूँ तुम्हें अपना बनाने की...
रूह से छूकर,
दिल मे उतर जाने की...
कहती है दुनिया...
फरिश्ते हैं कुछ इंसान के भेष में...
यूँ ना सोच इन्हें इतना ज़मीन से उठाने की...

 
11
 
8 hours
 
uk_express
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