Shayari (879 in 1 year | sorting by most liked)

*एक चाहत होती है दोस्तों के साथ जीने की जनाब..*

*वरना पता तो हमें भी है की मरना अकेले ही है..!*

 
600
 
201 days
 
aaakash

हम रूठ भी जाएं तो ......हमें मनाएगा कौन,,

बस इसी फिक्र में ......खुश रहते हैं...!!

 
573
 
275 days
 
aaakash

ज़िन्दगी जीनी हैं तो तकलीफें तो होंगी...

.

.

वरना मरने के बाद तो जलने का भी एहसास नहीं होता...

 
554
 
255 days
 
aaakash

*ये ना पूछना*

*ज़िन्दगी ख़ुशी कब देती है,*

*क्योकि शिकायते तो उन्हें भी है*

*जिन्हें ज़िन्दगी सब देती है*..

 
554
 
238 days
 
aaakash

बहुत मिलेंगे तुम्हे इस दुनिया में वफ़ा के नाम पे लुटने वाले,
पर कोई तेरे खातिर अपनी आँख नम करे तो उसे मेरा सलाम कहना !!

 
518
 
350 days
 
aaakash

✍ *कुछ ख़ास बात नहीं है मुझमें,बस,मुझे समझने वाले ख़ास होते हैं..!*

 
503
 
316 days
 
DDLJ143

काश ऐसी भी हवा चले...

कौन किसका है पता तो चले !!!

 
493
 
355 days
 
Veeshal.joshee

नाराज़ हमेशा खुशियाँ ही होती हैं.

ग़मों के इतने नखरे नहीं होते....!!

 
485
 
343 days
 
aaakash

कभी उम्मीदें उधड़ जायें तो
बेझिझक चले आइयेगा

हम हौसलों के दर्जी हैं
मुफ़्त में रफ़ू करते हैं.....

 
474
 
248 days
 
Jasmine

*बेचैनियां बाजार में, नहीं मिला करती यारों..*

*बाँटने वाला, कोई बहुत नज़दीकी होता है....*

 
471
 
199 days
 
Anonymous
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