Shayari (18932 | sorted randomly)

"अजनबी शहर में एक दोस्त मिला!

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"वक्त" नाम था! "पर जब भी मिला,,"मजबूर" मिला!,,,,🌹

 
432
 
894 days
 
Dev ;)

एक सफ़र ऐसा भी होता है दोस्तों, जिसमें पैर
नहीं दिल थक जाता है...!!

 
638
 
1000 days
 
Niki2512

हर रोज सुबह
माँ के चरणों में नमन हो जाता है ...
इस तरह मेरी आरती,
अजान और भजन हो जाता है ...

प्राकृति की तरह ही रखती है ख्याल मेरा,
उसका स्वयं का दुख मेरी खुशी में ढल जाता है ...
मेरे सिर पर केवल माँ का हाथ होने से,
मुसीबत का हर कतरा अनमोल धन हो जाता है ...

माँ खुद तकलीफ़ में भी,
रखती है ध्यान मेरी ही खुशी का ...
जब भी हाथ फिराती है सिर पे माँ,
सब दुःख-दर्दों से खाली मेरा मन हो जाता है ...

माँ घूमती, फिरती, बैठती, खड़ी होती है जहाँ,
यह सोच ईंट मिट्टी से भी मेरा अपनापन हो जाता है ..
यूँ तो लिख लेता हूँ हर विषय पर बहुत कुछ मैं,
पर माँ शब्द लिखते ही मेरे लिखे में वजन हो जाता है॥

 
73
 
610 days
 
Heart catcher

सिर्फ़ उसके होंठ काग़ज पर बना देता हूँ मैं
ख़ुद बना लेती है होठों पर हंसी अपनी जगह

 
83
 
661 days
 
om1

वो क्या समझेगा मेरी आँखों का बरसना,
जो बादल के बरसने पर बहुत खुश होता है..

 
166
 
563 days
 
om1

Hum "Fana" ho gaye wo badla phir b nahe,
Humari "Chahat" sey b "Sachi" thi nafrat us ki...!!

 
143
 
2123 days
 
Crystal

"मैं भी हुआ करता था वकील इश्क वालों का कभी........
नज़रें तुमसे क्या मिली आज खुद कटघरे में हूँ..

 
406
 
799 days
 
dre@m_factory

Har Ek Sans Pe Tera Khyal Rehta Hai
Meri Har Baat Mein Tera Sawal Rehta Hai
Tum Ek Bar Mere Dil Ki Raahon Se Gujar Kar Dekho
Tumhare Bin Mera Kya Haal Rehta Hai...!!

 
247
 
1982 days
 
Nancy

सियासत पर नज़र तो कडी है आपकी..
उम्मीद है, फर्ज़ भी इसी शिद्दत से निभाते होंगें....😐

 
101
 
283 days
 
Bavraa...

कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले..


मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था....!!!!🌿

 
332
 
853 days
 
anil Manawat
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