Shayari (19319)

ये दुनियां थोथी आस्थाओं का एक सूखा हुआ
समंदर है,
उतना ही गहरा बाहर,जितना अंदर है।
चिकने-चुपड़े लोग यहाँ,दोहरी-दोहरी बातें हैं-
खुरदरे से रिश्ते, जैसे कैक्टस गुलाब के अंदर है।
नीता "चाँद"

 
21
 
a day
 
Neeta Chaand

अर्ज़ किया है.....

होता नही किसी तबीब से
उस मर्ज का ईलाज,
ईश्क़ लाइलाज है
बस परहेज़ कीजिये।
🕯🕯🕯🕯🕯🕯

 
51
 
3 days
 
amit 19

*परिंदे शुक्रगुजार हैं पतझड़ के भी दोस्तो...*

*तिनके कहां से लाते, अगर सदा बहार रहती... !!!*

 
98
 
3 days
 
Kuldeep Mudhare

मेरे दिल में
मुझे
चाहने वाले हैं
मेरे
दिमाग में
मुझे
कोसने वाले
भला तो मैं
सबका चाहूँगा
चाहे "मेरे साथ"
हँसने वाले हों
चाहे
"मुझ पर"
हँसने वाले।

 
53
 
5 days
 
Sandeep Swami

तेरी चौखट पर रहु और सिर्फ तुझ ही को देखु
सारी दुनिया को मेरी आँखों से ओझल कर दे 😍

 
34
 
6 days
 
paglaa

*जब ''कभी'' तुम..हमे याद कर के मुस्कराओ*

*''हम समझ'' लेंगे ..हमारी ''दुआ''*

*कबूल हो गयी.......💘*

 
92
 
6 days
 
Paraskumar Pande

Jinda rahe to kya h jo mar bhi jaye hum to kya...duniya me khamosi se gujar jaye hum to kya... hasti he kya he jamane k samne.. ek khwab he jaha me bikher jaye hum to kya.... ab kon muntajir he hamare liye vaha... Sam aa gayi h lout k ghar jaye hum to kya...dil ki khalis to sath rahegi tamam umr... dariya e gam k paar uter jaye hum to kya..........

 
14
 
7 days
 
amit 19

मेरी आँखों में यही हद से ज्यादा बेशुमार है,

तेरा ही इश्क़, तेरा ही दर्द, तेरा ही इंतज़ार है।
🌹

 
98
 
9 days
 
Paraskumar Pande

ये सर्द हवा,
ये ओस के कतरे,
लगता है
अब दर्द हुआ है जनवरी को
दिसंबर के जाने का।

 
198
 
11 days
 
Neeta Chaand

दब गई थी नींद कहीं करवटों के बीच,. ..
...

दर पर खड़े रहे कुछ ख्वाब रात भर,.....

 
115
 
11 days
 
Paraskumar Pande
LOADING MORE...
BACK TO TOP