Shayari (19224)

अब जो रिश्तों में बँधा हूँ तो खुला है मुझ पर

कब परिंद उड़ नहीं पाते हैं परों के होते

 
19
 
2 days
 
News Akki

बस एक ही ख्वाहिश है
इस दिल की ...

काश कोई मुझ जैसा
इश्क मुझसे भी करता...

 
64
 
2 days
 
V!shu

‪शादियाँ गुज़ार दी मैंने तेरे इंतज़ार में , काश की कभी ऐसा हो की तुम आओ और वक़्त वही ठहर जाए ❤️‬

 
40
 
4 days
 
Mrjha

वो कह कर चले गये की "कल" से भूल जाना हमे...

हमने भी सालों से "आज" को रोके रखा है...!!

जब दुनया में गम बट रहा था सबने अपने अपने हीस्से का गम ऊठाया जब मेरी बारी आयी मेंने फेवीस्टीक उठाया जो साला चुटकी में चीपक गया 🤣

 
27
 
4 days
 
Tushar5699

Breakup shayri
पत्ता शजर से टूट कर बे वज़न हो गया
.
.
*उड़ने लगा जिधर भी उड़ाने लगी हवा

 
35
 
5 days
 
Ra-one

पेड़ कटते गए,
फिर न जाने मेरे शहर जंगल सा क्यों है।

 
39
 
7 days
 
KUSUMRAJ

bade mamooli se the alfaaz mere
.
.
bade mamooli se the alfaaz mere
.
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tumse mile to shayari ho gaye

 
42
 
10 days
 
raj_writes_2408

धारा ए तीन सौ सात लगनी चाहिए तेरी निगाहों पर..

यूँ देखना भी कत्ल की कोशिशों में शुमार होता है...😃

 
142
 
10 days
 
Navsad Chariya

ख़त में उसने लिखा था बाकी बातें मिलने पर

मिलने पर नजर झुका ली बोली बाकि बाते खत में..

 
125
 
12 days
 
aaakash
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